NDTV Khabar

कांग्रेस को लगा झटका, वोटिंग के दौरान मतदाताओं की वीडियो रिकॉर्डिंग की याचिका खारिज

कोर्ट ने कांग्रेस की इस मांग को भी ठुकराया जिसमें कहा गया था कि मतदान के दौरान मतदाताओं की वीडियो रिकार्डिंग की जाए. सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने सरकार की ओर से कहा कि जो भी मांग की गई है वो पहले से की चुनाव आयोग की वेबसाइट पर है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
कांग्रेस को लगा झटका, वोटिंग के दौरान मतदाताओं की वीडियो रिकॉर्डिंग की याचिका खारिज

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. कांग्रेस ने वोटरों की वीडियोग्राफी की मांग की थी
  2. वोटरों को वीवीपैट पर रसीद देखने का समय देने की मांग
  3. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिका का निस्तारण किया.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक आदेश में कहा कि दागी अफसरों को चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जाए. कोर्ट ने कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के दौरान उन अफसरों को चुनाव में अहम ड्यूटी पर ना लगाया जाए जिनके खिलाफ अनुशासानात्मक कार्रवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही कांग्रेस की याचिका का निपटारा किया. कोर्ट ने कांग्रेस की इस मांग को भी ठुकराया जिसमें कहा गया था कि मतदान के दौरान मतदाताओं की वीडियो रिकार्डिंग की जाए. सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने सरकार की ओर से कहा कि जो भी मांग की गई है वो पहले से की चुनाव आयोग की वेबसाइट पर है.

गुजरात में होने वाले चुनाव पारदर्शी बनाने की कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कांग्रेस के सचिव प्रकाश जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया था.

यह भी पढ़ें : गुजरात में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी नीतीश कुमार की पार्टी

सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश जोशी को याचिका की कॉपी केंद्र सरकार के वक़ील अटॉर्नी जरनल और चुनाव आयोग को देने को कहा है और उनका पक्ष पूछा है. AICC के सचिव प्रकाश जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि चुनाव के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाए जाएं और सभी मतदाताओं की वीडियो रिकार्डिंग हो. 

यह भी पढ़ें : गुजरात चुनाव से पहले पटेल आरक्षण को लेकर हार्दिक पटेल ने दिया कांग्रेस को अल्टीमेटम

टिप्पणियां
साथ ही चुनाव में VVPAT मशीनों के साथ बकायदा पेपर ट्रेल हो और इतना वक्त दिया जाए जोकि ट्रेल को मतदाता द्वारा पढ़ा जा सके और कोई सवाल उठने पर इन ट्रेल से गिनती की जा सके. इसे 120 दिनों तक सुरक्षित रखा जाए. इसके अलावा चुनाव के दौरान अपराधियों को पेरोल ना दिया जाए.  


ठेका कर्मियों को चुनाव ड्यूटी पर ना लगाया जाए. सभी ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी जाए.  प्रकाश जोशी ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि उन अधिकारियों को चुनाव की ड्यूटी पर न 
रखा जाए जिनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही चल रही है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement