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गुजरात तट पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा 'ओखी', खतरे की चेतावनी अब भी जारी

सूरत की तरफ बढ़ने के साथ ही तूफान ओखी कमजोर पड़ता जा रहा है और अब संभव है कि ये गुजरात के तट से न टकराए. पहले इसके सूरत के पास गुजरात के तट पर पहुंचने की आशंका जताई गई थी. मौसम विभाग के मुताबिक, सूरत के दक्षिण पश्चिम किनारे से 240 किलोमीटर दूर ओखी कमज़ोर पड़ गया.

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गुजरात तट पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा 'ओखी', खतरे की चेतावनी अब भी जारी

गुजरात तट पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा ओखी तूफान (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सूरत के दक्षिण पश्चिम किनारे से 240 किलोमीटर दूर ओखी कमज़ोर पड़ गया
  2. सर्दियों में पर्यावरण की स्थितियों के कारण चक्रवात कमजोर पड़ा
  3. मुंबई में ओखी तूफान का असर मंगलवार को दिनभर देखने को मिला
अहमदाबाद: सूरत की तरफ बढ़ने के साथ ही तूफान ओखी कमजोर पड़ता जा रहा है और अब संभव है कि ये गुजरात के तट से न टकराए. पहले इसके सूरत के पास गुजरात के तट पर पहुंचने की आशंका जताई गई थी. मौसम विभाग के मुताबिक, सूरत के दक्षिण पश्चिम किनारे से 240 किलोमीटर दूर ओखी कमज़ोर पड़ गया. विभाग के मुताबिक अब तूफान में 18 किलोमीटर प्रति घंटा की कमी आई है. हालांकि तटों पर तूफान के खतरे की चेतावनी को वापस नहीं लिया गया है क्योंकि अभी भी समंदर में तेज हवाएं और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है.

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एक आधिकारिक बयान में मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि ओखी कमजोर पड़ता जा रहा है और संभव है कि गुजरात के तट तक पहुंचते हुए यह सामान्य हो जाए. मौसम विभाग के मुताबिक, सूरत के दक्षिण पश्चिम किनारे से 240 किलोमीटर दूर ओखी कमजोर पड़ गया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पिछले 6 घंटों में पूर्वी मध्य अरब सागर से उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए चक्रवात में 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की कमी आई है.' मौसम विभाग ने कहा कि ऐसा संभव है कि गुजरात के दक्षिणी किनारे की ओर उत्तर पूर्व में बढ़ते हुए 5-6 दिसंबर की रात ओखी चक्रवात और कमजोर होगा. हालांकि तटों पर तूफान के खतरे की चेतावनी को मौसम विभाग ने वापस नहीं लिया है क्योंकि अभी भी समुद्र में तेज हवाएं और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है. 

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मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने कहा कि चक्रवात पहले ही कमजोर हो गया है और आगे यह और कमजोर पड़ता जाएगा. यह संभव है कि गुजरात के तट से यह न टकराए और तट तक आने से पहले ही कमजोर पड़ जाए. उन्होंने कहा कि सर्दियों में पर्यावरण की स्थितियों के कारण चक्रवात कमजोर पड़ गया है लेकिन अगर यह मॉनसून या उससे पहले आता तो स्थितियां अलग हो सकती थीं. 

इससे पहले मुंबई में ओखी तूफान का असर मंगलवार को दिनभर देखने को मिला. सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर की रफ्तार धीमी हो गई, लेकिन राहत की बात ये रही की इस पूरे तूफान में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. वहीं गुजरात के चुनावी अभियान पर भी तूफान ओखी का जबरदस्त असर हुआ. पहले दौर के चुनाव प्रचार के लिए गुरुवार तक का समय है, लेकिन बिगड़े मौसम ने दोनों पार्टियों को नई रणनीति बनाने को मजबूर किया है. प्रधानमंत्री की सूरत की रैली टल गई है.

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इससे पहले दक्षिण भारत में ओखी तूफान ने भयंकर तबाही मचाई है. ओखी तूफान के चलते ऐहतियातन मुंबई के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई. मौसम विभाग का कहना था कि ओखी तूफान मंगलवार शाम मुंबई से नजदीक होगा और उसका असर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों पर पड़ेगा. इसके चलते मुंबई मौसम विभाग ने समुद्र तट से सटे इलाकों में रहनेवाले लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं. ये तूफान गुजरात के खंभात की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है और इसके 6 दिसंबर को तट से टकराने की आशंका है. हालांकि ये कमजोर पड़ गया है लेकिन इसके बाद में अलर्ट जारी है. 


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