गुजरात में कोरोनावायरस के 394 नए मामले आए सामने, 23 और मरीजों की हुई मौत

प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने बताया कि शुक्रवार शाम के बाद से 24 घंटे कोविड-19 के 23 मरीजों की मौत हो गयी जो पिछले सात दिनों में 24 घंटे के अंदर मौत का सबसे कम आंकड़ा है.

गुजरात में कोरोनावायरस के 394 नए मामले आए सामने, 23 और मरीजों की हुई मौत

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • गुजरात में शनिवार को और 394 व्यक्तियों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए
  • राज्य में इस महामारी के मामले 7,797 हो गए
  • 23 और मरीजों की मौत के साथ ही उसके चलते मरने वालों की संख्या 472 हो गई
अहमदाबाद:

गुजरात में शनिवार को और 394 व्यक्तियों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद राज्य में इस महामारी के मामले 7,797 हो गए और इस संक्रमण के 23 और मरीजों की मौत के साथ ही उसके चलते मरने वालों की संख्या 472 हो गई. प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने बताया कि शुक्रवार शाम के बाद से 24 घंटे कोविड-19 के 23 मरीजों की मौत हो गयी जो पिछले सात दिनों में 24 घंटे के अंदर मौत का सबसे कम आंकड़ा है. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के 219 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी और इस तरह अबतक 2091 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. राज्य में कोविड-19 के 5234 मरीज अब भी अस्पताल भर्ती हैं. अब तक 1,09,650 लोगों का परीक्षण किया गया है. 

दूसरी ओर सूरत जिले के एक गांव में गृह राज्य भेजने या फैक्टरियों में काम की इजाजत की मांग करते हुए सैकड़ों प्रवासी श्रमिक सड़कों पर उतर आए आए. पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो श्रमिक पुलिस कर्मियों से भिड़ गए. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस संबंध में सौ से अधिक श्रमिकों को हिरासत में लिया गया है. घटना हजीरा औद्योगिक नगर के पास स्थित मोरा गांव में हुई.  संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेक्टर दो) डी एन पटेल ने बताया, 'सौ से अधिक श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए , जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया. उनकी मांग थी कि या तो उन्हें घर भेजा जाए या हजीरा की उन औद्योगिक इकाइयों में जहां वे कार्यरत थे, उन्हें रोजगार और वेतन प्रदान किया जाए.'

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पटेल ने कहा कि मोरा गांव में श्रमिकों की कॉलोनी में घरों से बाहर आए श्रमिक बड़े समूह में एकत्रित होकर हजीरा औद्योगिक क्षेत्र की तरफ बढ़ने लगे. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मांग थी कि जिला प्रशासन उन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और अन्य राज्यों में स्थित उनके गृह नगर भेजने का प्रबंध करे. पटेल ने कहा, 'कुछ श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद आंसू गैस के चार गोले छोड़े गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हमें लाठी चार्ज करना पड़ा.' एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के संबंध में मामले दर्ज कर लिए गए हैं और वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है.

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