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दलित की बारात रोकने के लिए ऊंची जाति के लोगों ने किया रोड जाम, सड़क पर करने लगे भजन और यज्ञ

एक अन्य घटना के मुताबिक गुजरात के साबरकांठा जिले के एक गांव में एक दलित दूल्हे की बारात को रविवार को उस वक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी, जब ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने उसके एक स्थानीय मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई.

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दलित की बारात रोकने के लिए ऊंची जाति के लोगों ने किया रोड जाम, सड़क पर करने लगे भजन और यज्ञ

आरोप दूल्हे के परिवार ने लगाया है.

अहमदाबाद:

गुजरात के अरवल्ली जिले में एक दलित की बारात रोकने के मामले सामने आया है. ऊंची जाति के लोगों ने बारात को रोकने के लिए सड़क तक जाम कर दी. राज्य के अरवल्ली जिले के खामबिसार गांव के पाटीदार समुदाय के सदस्यों ने एक दलित की बारात बाधित करने के लिए मुख्य सड़क पर भजन और यज्ञ का आयोजन किया. यह आरोप दूल्हे के परिवार ने लगाया है. 

वहीं एक अन्य घटना के मुताबिक गुजरात के साबरकांठा जिले के एक गांव में एक दलित दूल्हे की बारात को रविवार को उस वक्त पुलिस सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी, जब ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने उसके एक स्थानीय मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई. हालांकि, पुलिस ने कहा कि बारात शांतिपूर्ण तरीके से गुजर गई. ग्रामीण भीखाभाई वानिया ने कहा कि अनिल राठौड़ के परिवार ने उस वक्त पुलिस सुरक्षा की मांग की, जब सितवडा गांव के ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने शनिवार को बारात के गांव से गुजरने और दूल्हे के मंदिर में पूजा करने की योजना पर आपत्ति जताई.

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पुलिस उपाधीक्षक मीनाक्षी पटेल ने कहा, ‘अनिल राठौड़ के परिवार ने पुलिस में एक अर्जी देकर बारात के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी. उन्होंने अपनी अर्जी में कहा कि गांव के दलित सदस्यों ने आशंका जतायी है कि अन्य समुदाय के सदस्य परेशानी पैदा कर सकते हैं.' डीएसपी ने कहा, ‘हमने बारात को पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी और बारात शांतिपूर्ण ढंग से गुजर गई. दूल्हा पास के गांव में विवाह समारोह में जाने से पहले गांव के मंदिर भी गया.''

शुक्रवार को ठाकोर समुदाय के सदस्यों ने एक अन्य बारात पर आपत्ति जतायी क्योंकि दूल्हा घोड़ी पर सवार हो कर विवाह करने जा रहा था.

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बता दें, हालही उत्तराखंड के टिहरी में 21 साल के दलित युवक की पीट-पीट कर इसलिए हत्या कर दी गई क्यों वह एक शादी समारोह में आरोपियों के सामने बैठकर खाना खाने लगा था. यह घटना 26 अप्रैल को हुई थी. देहरादून में इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई. डीएसपी उत्तम सिंह जिमवाल ने बताया कि दलित युवक जितेंद्र को ‘निचली जाति का होने के बाद भी'अपने सामने खाना खाते देख ऊंची जाति के कुछ लोगों को गुस्सा आ गया और उन्होंने युवक की पिटाई कर दी. 

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उन्होंने बताया था कि घटना 26 अप्रैल को जिले के श्रीकोट गांव में एक शादी समारोह में घटी. डीएसपी ने कहा कि पिटाई से जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और नौ दिनों के इलाज के बाद देहरादून के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गयी. उन्होंने बताया कि जितेंद्र की बहन की शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन सात लोगों में गजेंद्र सिंह, सोबन सिंह, कुशल सिंह, गब्बर सिंह, गंभीर सिंह, हरबीर सिंह और हुकुम सिंह शामिल हैं. डीएसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

(इनपुट- भाषा)

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