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नाराज नितिन पटेल ने तोड़ी चुप्पी, बोले- बात विभागों की नहीं, मेरे आत्मसम्मान की है

लाल जी पटेल ने एक जनवरी को मेहसाणा में बंद की घोषणा की साथ ही पटेल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की है. 

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नाराज नितिन पटेल ने तोड़ी चुप्पी, बोले- बात विभागों की नहीं, मेरे आत्मसम्मान की है

नितिन पटेल (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. अपने विभाग के बंटवारे से नाराज बताये जा रहे हैं डिप्टी सीएम नितिन पटेल
  2. नितिन पटेल ने अपनी नाराजगी की वजह से हाई कमान को अवगत करा दिया है
  3. हार्दिक पटेल और नाना जी पटेल ने समर्थन का ऐलान किया
अहमदाबाद: गुजरात में छठी बार जीत के बाद बनी नई सरकार में विभागों के आवंटन के बाद से नाराज चल रहे उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने शनिवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अब यह उनके आत्म सम्मान का मुद्दा है. बताया जा रहा है कि अहम विभागों की जिम्मेदारी नहीं मिलने की वजह से डिप्टी सीएम नितिन पटेल नाराज चल रहे हैं और इस कारण से उन्होंने अभी तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है. जैसे ही नाराजगी की बात सामने आई, वैसे ही पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और लालजी पटेल ने पटेल को समर्थन देने की घोषणा कर दी. लालजी पटेल ने एक जनवरी को मेहसाणा में बंद की घोषणा की साथ ही पटेल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की है. 

नितिन पटेल ने संवाददातों से कहा कि ‘मैंने पार्टी हाई कमान को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है और मुझे उम्मीद है कि वे मेरी भावनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देंगे.’ उप मुख्यमंत्री ने कहा यह कुछ विभागों की बात नहीं है, यह आत्मसम्मान की बात है. राज्य की पिछली सरकार में पटेल के पास वित्त और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे लेकिन इस बार उन्हें सड़क एवं भवन और स्वास्थ्य जैसे विभाग आवंटित किये गये हैं.

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गुजरात में भाजपा सरकार के गठन के बाद गत 28 दिसम्बर को विभागों के बंटवारे में पटेल को इन दो विभागों के अलावा चिकित्सा शिक्षा, नर्मदा, कल्पसार और राजधानी परियोजना का प्रभार भी दिया गया है. प्रभावशाली पाटीदार समुदाय से आने वाले उपमुख्यमंत्री ने अब तक इन विभागों का प्रभार नहीं संभाला है. पटेल के समर्थक उनके प्रति एकजुटता दिखाने के लिये आज उनके आवास पर जुटे.  इस बार वित्त विभाग सौरभ पटेल को आवंटित किया गया है जबकि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शहरी विकास विभाग खुद के पास ही रखा है.

नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली गुजरात सरकार में मंत्री रह चुके नरोत्तम पटेल ने पूरे विवाद पर कहा कि पटेल को उनके कद के हिसाब से विभाग दिया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘नितिन भाई साधारण मंत्री नहीं हैं.’ इससे पहले दिन में पटेल की पार्टी के साथ ‘नाखुशी’ के बारे में किये गये सवाल पर रूपाणी ने कोई जवाब नहीं दिया था. गुरुवार को विभागों के बंटवारे के बाद नितिन पटेल मीडिया ब्रीफिंग में कुछ नहीं बोले थे और जल्दी चले गये थे. उस समय रूपाणी ने कहा था, ‘यह सच नहीं है कि वित्त विभाग संभालने वाले मंत्री कैबिनेट में नम्बर दो है. नितिन पटेल हमारे वरिष्ठ नेता हैं और वह नम्बर दो बने रहेंगे.’ 

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वहीं, पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने नितिन को समर्थन देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा, 'एक दिग्गज नेता की तरह, नितिन भाई (पटेल) ने भाजपा को सत्ता में रखने के लिए 27 साल तक कड़ी मेहनत की है. समुदाय के सदस्यों को यह समझने की जरूरत है कि ऐसे नेताओं को हाशिए पर रखा जा रहा है. अगर उप-मुख्यमंत्री भाजपा छोड़ने के लिए तैयार हैं और 10 अन्य विधायक उनके साथ छोड़ने को तैयार हैं तो ‘हम कांग्रेस को नितिन भाई को लेने और जिस पद के वह हकदार हैं उन्हें वह देने को कहेंगे.’ 

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वहीं सौराष्ट्र के अमरेली जिले के लाठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए विरजी थुम्मर ने कहा कि यदि वह निर्धारित संख्या में भाजपा के विधायकों के साथ आते हैं तो पटेल को कांग्रेस से सहयोग से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. बता दें कि  पाटीदार आरक्षण आंदोलन में आगे रहे सरदार पटेल ग्रुप के नेता लालजी ने हार्दिक के साथ गांधीनगर में नितिन से मुलाकात की और घटना के विरोध में मेहसाणा में बंद की घोषणा की है. 

  VIDEO : अपनी ही सरकार से नाराज नितिन पटेल (इनपुट भाषा से)


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