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गुजरात के एक गांव में दलितों की जमीन चार दशक बाद अवैध कब्जे से मुक्त हुई

अवैध रूप से जमीन कब्जाए ग्रामीणों से प्रशासन ने वापस दिलाई जमीन

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गुजरात के एक गांव में दलितों की जमीन चार दशक बाद अवैध कब्जे से मुक्त हुई

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. दलित समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन मार्च निकाला
  2. बनासकांठा के जिला प्रशासन ने जमीन वापस दिलाई
  3. दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कार्यकर्ताओं के साथ जीत का जश्न मनाया
अहमदाबाद:

गुजरात के एक गांव में दलितों को चार दशक बाद खेती की जमीन वापस मिल पाई. इस जमीन पर कुछ ग्रामीणों ने कब्जा जमा रखा था. प्रशासन ने दलितों को उनकी जमीन वापस दिलाई.

गुजरात में जमीन आवंटन और अन्य मांगों को लेकर दलित समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन मार्च निकाला. इसी बीच धनेरा जिले में स्थित लावारा गांव के चार दलित परिवारों की खेती की जमीन इन पर अवैध रूप से कब्जा जमाने वालों से करीब चार दशक बाद वापस मिल गई.

बनासकांठा के जिला प्रशासन ने जमीन वापस दिलाई जो मूलत: दलित परिवारों की थी लेकिन उन पर कथित रूप से कुछ ग्रामीणों ने जबरन कब्जा कर लिया था.

वीडियो - दलितों ने मांगी जमीन


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दलित नेता एवं राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक जिग्नेश मेवानी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पास के लावारा गांव पहुंचे और एक आबंटित भूभाग पर नीला झंडा लहराकर ‘‘जीत’’ का जश्न मनाया. जिग्नेश की ‘आजादी कूच’ धनेरा शहर में खत्म हुई.
(इनपुट भाषा से)



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