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नरेंद्र मोदी बचपन में जिस जगह पर बेचते थे चाय, वह बनेगा पर्यटन का केंद्र

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय रेल मंत्रालय के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित कर रहा है.

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नरेंद्र मोदी बचपन में जिस जगह पर बेचते थे चाय, वह बनेगा पर्यटन का केंद्र

पीएम नरेंद्र मोदी बचपन में वडनगर की एक दुकान पर चाय बेचा करते थे (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की योजना
  2. फिलहाल चाय की दुकान का स्वरूप बदलने की योजना नहीं - महेश शर्मा
  3. 'पीएम की जन्मस्थली होने के साथ ही वडनगर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र'
अहमदाबाद / नई दिल्ली: केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि गुजरात के वडनगर में चाय की जिस दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बचपन में चाय बेचते थे, उसे पर्यटन स्थल के तौर विकसित किया जाएगा.

शर्मा ने रविवार को गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा था, 'वडनगर रेलवे स्टेशन में एक छोटी सी चाय की दुकान है, जहां से संभवत: प्रधानमंत्री ने अपने जीवन की यात्रा शुरू की थी. हम चाय की उस दुकान को भी पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करना चाहते हैं. हम टी स्टॉल को आधुनिक स्वरूप देते हुए इसके मूल सौंदर्य को भी संरक्षित रखेंगे. हमारा उद्देश्य वडनगर को विश्व पर्यटन के नक्शे पर लाना है.' हालांकि सोमवार को उन्होंने दिल्ली में में सफाई देते हुए कहा कि वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की योजना है, लेकिन चाय की दुकान की शक्ल बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

शर्मा ने एक बयान में कहा, 'पर्यटन मंत्रालय रेल मंत्रालय के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित कर रहा है. हमने योजना पर विचार-विमर्श कर लिया है. फिलहाल चाय की दुकान का स्वरूप बदलने की कोई योजना नहीं है.' वडनगर रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर यह चाय की यह दुकान है.

संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने रविवार को इस शहर का दौरा किया था. अधिकारियों के दल की अगुवाई महेश शर्मा ने की जिन्होंने बाद में घोषणा की थी कि चाय की दुकान को आधुनिक स्वरूप देते हुए इसके मूल सौंदर्य को संरक्षित किया जाएगा.

शर्मा ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री की जन्मस्थली होने के साथ ही वडनगर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र है, जहां प्रसिद्ध शर्मिष्ठा झील और एक बावड़ी है. एएसआई को हाल ही में वहां खुदाई के दौरान एक बौद्ध मठ के अवशेष मिले थे. उत्खनन कार्य अब भी चल रहा है.' 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी रैलियों में अक्सर इस बात का जिक्र करते थे कि वह अपने बचपन के दिनों में वडनगर रेलवे स्टेशन पर अपने पिता के साथ चाय बेचते थे.

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अहमदाबाद मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक (डीआरएम) दिनेश कुमार ने भी पहले कहा था कि वडनगर और मेहसाणा जिले में उससे लगे इलाकों के विकास की पूरी परियोजना 100 करोड़ रुपये से अधिक की होगी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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