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हिमाचल प्रदेश में एक पखवाड़े में तीसरी बार आया भूकंप, कोई नुकसान नहीं

हिमाचल प्रदेश में शनिवार को एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. अधिकारी ने बताया कि बीते एक पखवाड़े में भूकंप का यह तीसरा झटका है.

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हिमाचल प्रदेश में एक पखवाड़े में तीसरी बार आया भूकंप, कोई नुकसान नहीं

बीते एक पखवाड़े में हिमाचल प्रदेश में भूकंप का यह तीसरा झटका है.

खास बातें

  1. हिमाचल में एक पखवाड़े के अंदर तीसरे बार भूकंप के झटके
  2. तड़के करीब पौने तीन बजे आया भूकंप
  3. किसी भी तरह की कोई हानि नहीं हुई
शिमला: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. अधिकारी ने बताया कि बीते एक पखवाड़े में भूकंप का यह तीसरा झटका है, हालांकि, भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. मौसम विभाग के कार्यालय ने आईएएनएस को बताया कि भूकंप तड़के 2.37 बजे आया और रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता तीन मापी गई. भूकंप का केंद्र जम्मू एवं कश्मीर सीमा से सटा चंबा क्षेत्र रहा. आपको बता दें कि इससे पहले 14 जून को ही उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए थे. सुबह करीब 6 बजे जब भूकंप आया तो लोग सहम गये और अपने घरों से बाहर निकलने लगे. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई. हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ. बता दें कि इससे पहले पिछले साल दिसंबर में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में तेज भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में 28 दिसंबर को भूकंप का झटका महसूस किया गया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.7 मापी गई थी.  

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क्या है रिक्टर स्केल?
भूकंप कितना तीव्र है इसका अंदाज़ा रिक्टर स्केल से लगाया जाता है. यानी 6 से कम रिक्टर स्केल के भूकंप को तेज़ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि उसमें हल्का कंपन महसूस होता है. वहीं 7 से 9 के बीच रिक्टर स्केल पर कई बार इमारतों के गिरने से लेकर समुद्री तूफान के आने तक का खतरा हो सकता है. वहीं जब भूकंप 9 से ऊपर के रिक्टर स्केल पर आता है तो अपने साथ भारी तबाही लेकर आता है.बता दें कि रिक्टर स्केल पर तीव्रता में हर एक अंक कम होने का मतलब है कि बड़े भूकंप से 30 प्रतिशत कम उर्जा का मुक्त होना लेकिन जब इमारतें पहले से ही जर्जर होती हैं तो एक छोटे से छोटा झटका भी किसी ढांचे को ढहाने के लिए काफी होता है. (इनपुट - IANS)

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