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प्राचीन कुरूक्षेत्र विकसित होगा, गीता शोध के लिए बनेगा संस्थान : मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

खट्टर ने कहा, ‘‘प्राचीन कुरूक्षेत्र बहुत बड़ा था. यह केवल कुरूक्षेत्र जिले में ही नहीं फैला था. यह 48 कोस में फैला था जिसका क्षेत्र अब पांच जिलों में आता है. हमने प्राचीन कुरूक्षेत्र के 134 स्थानों की पहचान की है जिनमें से 15 कुरूक्षेत्र में है.’’ 

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प्राचीन कुरूक्षेत्र विकसित होगा, गीता शोध के लिए बनेगा संस्थान : मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर.

नई दिल्ली: गीता शोध के लिए कुरूक्षेत्र में संस्थान के निर्माण की घोषणा करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि महाभारतकालीन प्राचीन कुरूक्षेत्र की पहचान की गई है और यहां चरणों में इसका विकास किए जाने की योजना बनाई जा रही है. खट्टर ने कहा, ‘‘प्राचीन कुरूक्षेत्र बहुत बड़ा था. यह केवल कुरूक्षेत्र जिले में ही नहीं फैला था. यह 48 कोस में फैला था जिसका क्षेत्र अब पांच जिलों में आता है. हमने प्राचीन कुरूक्षेत्र के 134 स्थानों की पहचान की है जिनमें से 15 कुरूक्षेत्र में है.’’ 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरूक्षेत्र के सभी 15 स्थानों पर विकास कार्य शुरू किया गया है और उसे उसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा. इसमें भीष्म शैय्या तथा बाण गंगा आदि शामिल है. हमें अभिमन्यु टीला के बारे में पता चला है. हम उसको भी विकसित करने का प्रबंध कर रहे हैं. प्राचीन कुरूक्षेत्र के सभी 134 स्थानों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.

VIDEO: कुरुक्षेत्र में डेरा का शिविर सील.

खट्टर ने बताया कि कुरूक्षेत्र में एक ‘गीता ज्ञान संस्थानम’ का निर्माण किया जाएगा. यह संस्थान नौ एकड़ में बनेगा. इसके बन जाने से शोध कार्य करने वालों को फायदा होगा और वह वहां आकर गीता के बारे में जानकारी, अध्ययन तथा शोध कार्य कर सकेंगे.(भाषा)


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