NDTV Khabar

जुनैद की हत्या का विरोध : खन्दावली में लोगों ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज, ईद नहीं मनाई

जुनैद की मां ने कहा - जुनैद जामा मस्जिद का इमाम बनना चाहता था लेकिन इंसानियत के दुश्मनों ने उसे मार डाला

10187 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
जुनैद की हत्या का विरोध : खन्दावली में लोगों ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज, ईद नहीं मनाई

हरियाणा के खन्दावली गांव में किशोर जुनैद की हत्या के विरोध में ईद की नमाज के दौरान लोगों ने काली पट्टी धारण की.

खास बातें

  1. गुरुवार को ट्रेन में भीड़ ने हमला करके जुनैद की हत्या कर दी
  2. बिगड़ते साम्प्रदायिक माहौल को लेकर सरकार पर आक्षेप
  3. ऐसे मामलों में सरकार से सख्त कार्रवाई करने की अपेक्षा
नई दिल्ली: गुरुवार को बल्लभगढ़ के पास एक लोकल ट्रेन में चार मुस्लिम लड़कों की पिटाई और एक लड़के की हत्या के विरोध में खन्दावली गांव के लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज़ पढ़ी और ईद नहीं मनाई. यहां हर कोई बिगड़ते साम्प्रदायिक माहौल को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है.

ईद तो पूरी दुनिया में मनाई गई, लेकिन बल्लभगढ़ के पास खन्दावली गांव में इस बार ईद कुछ अलग थी. ज्यादातर लोगों ने ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर पढ़ी और ईद नहीं मनाई. यह विरोध प्रदर्शन गुरुवार को एक लोकल ट्रेन में जुनैद की हत्या को लेकर किया गया. लोगों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और सरकार को ऐसे मामलों को लेकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

जुनैद के घर काली पट्टी बांधकर आए आसपास के गांवों के लोगों का आना-जाना लगा रहा. ईद के मौके पर हर कोई उनके गम में शरीक दिखा. घरवाले इंसाफ की मांग कर रहे हैं. जुनैद के पिता जलालुद्दीन का कहना है कि ''अब मेरा बेटे तो चला गया लेकिन सरकार अब देश में बिगड़ते माहौल को ठीक करे जिससे फिर कोई और जुनैद की मौत न मारा जाए.''

जुनैद की मां शायरा के मुताबिक घर में जुनैद का शव आने के बाद पता चला कि उनके बेटे को मारा गया है. सायरा जुनैद को याद करते हुए कहती हैं कि ''जुनैद अक्सर कहा करता था कि वह एक दिन दिल्ली की जामा मस्ज़िद का इमाम बनेगा. लेकिन मेरे बेटे को पीट पीटकर मार डाला गया. क्या गलती थी उस मासूम की?''

जुनैद की बल्लभगढ़ के पास असावती में भीड़ ने पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी. चश्मदीदों के मुताबिक झगड़े के दौरान साम्प्रदायिक टिप्पणी भी हुईं. पुलिस अब तक एक ही आरोपी को पकड़ सकी है. बाकी आरोपियों का सुराग देने पर एक लाख का इनाम रखा गया है.

लोग इस घटना को लेकर सरकार के रुख से बेहद नाराज हैं. आसपास के इलाके से आए लोगों ने कहा कि आजकल टोपी पहनकर, दाढ़ी रखकर चलने में डर लगता है. एक और शख्स ने कहा कि जुनैद की मौत समाज में फैल रही नफरत का नतीजा है. आज मुस्लिम समुदाय डरा हुआ है.

जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय संयोजक विमल भाई भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि हिन्दू भी इसी देश का है और मुस्लिम भी इसी देश का है. लोग कौन होते हैं उन्हें पाकिस्तानी कहने वाले. क्या आप गाय के नाम पर इंसानों का कत्ल करोगे. यह सब बादशाह यानी नरेंद्र मोदी की शह चल रहा खेल है.आखिर सरकार क्यों खामोश है.

हालांकि इस पूरे मामले से अंजान गांव के बच्चे ईद मनाते नज़र आए.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement