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प्रेम विवाह के लिए परिवार के 7 लोगों की हत्या करने वाली महिला को फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

हाईकोर्ट ने कहा इस तरह से अपने माता-पिता और छोटे-छोटे बच्चों की हत्या करने वालों पर किसी भी सूरत में रहम नहीं किया जा सकता है.

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प्रेम विवाह के लिए परिवार के 7 लोगों की हत्या करने वाली महिला को फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

फाइल फोटो

नई दिल्ली: हरियाणा के  रोहतक जिले के कबूलपुर गांव में अपने परिवार के तीन छोटे बच्चों और 70 वर्षीय बुजुर्ग सहित 7 लोगों को जहर देकर हत्या करने वाली सोनम की फाँसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सोनम को 16 अक्टूबर के दिन फांसी होने वाली थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से भी जवाब मांगा है. सोनम ने हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.  सोनम उर्फ सोनू और नवीन उर्फ मोनू का प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों का जाति गोत्र एक होने के चलते सोनम के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे. लगातार इन दोनों पर संबंध तोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. इसी के चलते सोनम ने अपने प्रेमी के साथ अपने दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों को जहर देकर हत्या कर डाली. इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा था कि सोनम पर रहम नहीं किया जा सकता है उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी.

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हाईकोर्ट ने कहा इस तरह से अपने माता-पिता और छोटे-छोटे बच्चों की हत्या करने वालों पर किसी भी सूरत में रहम नहीं किया जा सकता है. ट्रायल कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देकर मौत की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. 

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कब हुई थी घटना
14 सितंबर 2009 की रात को सोनम की दादी भूरी देवी ताई प्रोमिला  ,ताऊ सुरेंद्र , बहन सोनिका ,भाई अरविंदर बहन मोनिका ,भाई विशाल  की हत्या कर दी गई थी. सभी सात लोगों को जहर देकर हत्या की गई थी. साल 2014 में ट्रायल कोर्ट ने इन तीनों को दोषी करार दे सोनम और नवीन को फांसी की सजा सुना दी थी.

 


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