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कसौली में जो हुआ उसका गुनाहगार कौन?

अतिक्रमण हटाने के दौरान अब कोई गड़बड़ी न हो इसलिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सोलन के 3 इलाकों कसौली, गड़खल और धर्मपुर में धारा 144 लागू कर लोगों से लाइसेंसी हथियार जमा करने का आदेश दिया गया है.

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कसौली में जो हुआ उसका गुनाहगार कौन?

अतिक्रमण हटाने का काम अब प्रशासन की निगरानी में हो रहा है

कसौली:

अवैध निर्माण को हटाने के दौरान एक असिस्टेंट टाउन प्लानर की हत्या के बाद अब कसौली में अवैध होटलों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ चल रही है. कई होटल मालिक खुद ही होटल तोड़ रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए 9 मई तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. कसौली में अतिक्रमण तोड़ते हथौड़ों की रफ़्तार जो पहले धीमी थी अब तेज हो गयी है. जिन 13 होटलों में अवैध निर्माण हुआ है उनमें कड़ी सुरक्षा में अवैध निर्माण को ढहाया जा रहा है. हालात ये कि कई होटल मालिक खुद ही अपने होटल तुड़वा रहे हैं.

अधिकतर होटल मालिक मीडिया से बात नहीं कर रहे, लेकिन जिस नारायणी गेस्ट हाउस के सामने असिस्टेंट टाउन प्लानर शैलबाला की हत्या हुई, उसके बगल में बने शिवालिक होटल के मालिक का कहना है कि हत्या की वो निंदा करते हैं, लेकिन होटलों पर जो करवाई हो रही है, उसमें भेदभाव किया जा रहा है. उनके मुताबिक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अपनी खाल बचाने के लिए हमें बलि का बकरा बना रहा है, कसौली के 13 होटल ही है जो अवैध हैं, पूरे हिमाचल को चेक करें, सबका अवैध निर्माण तोड़ा जाए. वहीं नारायणी गेस्ट हाउस का मालिक जिस पर होटल तोड़ने के दौरान असिस्टेंट टाउन प्लानर शैलबाला की हत्या का आरोप है, उसे वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया गया है.


सोलन के एसपी मोहित चावला ने बताया कि उस दिन जब शैलबाला को गोली मारी गयी तब उस इलाके में 42 पुलिसकर्मी थे और जहां गोली चली वहां 14 पुलिसकर्मी थे लेकिन सभी लंच ब्रेक के लिए एक बगल वाले होटल में बैठ गए थे. वहां एक जनरेटर भी चल रहा था, जिसकी वजह से गोलियों की आवाज़ नहीं आयी. लेकिन जैसे ही शोर सुना, एसएचओ कसौली आरोपी के पीछे भागे लेकिन उसे पकड़ नहीं सके.

अतिक्रमण हटाने के दौरान अब कोई गड़बड़ी न हो इसलिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सोलन के 3 इलाकों कसौली, गड़खल और धर्मपुर में धारा 144 लागू कर लोगों से लाइसेंसी हथियार जमा करने का आदेश दिया गया है. प्रशासन का ये कहना है कि कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने के लिए 20 दिन का समय और मांगा जा रहा है.

सोलन के डीसी विनोद कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम अब प्रशासन की निगरानी में हो रहा है और हम इसे लेकर पूरी तरह सतर्क हैं. वहीं जब डीसी से ये सवाल पूछा गया कि इन 13 होटलों के अलावा भी ऐसे होटलों की भरमार है जो अवैध हैं, इस पर डीसी ने कहा कि अभी हम उन होटलों पर कार्रवाई कर रहे हैं जिनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है, बाद में हम दूसरे ऐसे होटलों पर भी कार्रवाई करेंगे. कसौली की ग्राम समिति के पूर्व सदस्य प्रेमचंद ने बताया कि जो होटल तोड़े जा रहे हैं वो 18-20 साल पहले बने हैं, उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इसकी मंजूरी भी ली है, लेकिन अब इस तरह की कार्रवाई गलत है.

प्रेमचंद के मुताबिक 2015 में कांग्रेस शासन के दौरान एक पॉलिसी के तहत इस तरह के होटलों को 45 दिन के अंदर बनाने की अनुमति दी गयी, लोगों ने होटल बना भी लिए और राज्यपाल ने 6 महीने बाद उस पॉलिसी को मंजूरी भी दे दी. लेकिन तभी स्पॉक नाम की एक संस्था से जुड़े लोग पहले एनजीटी चले गए और इन होटलों को तोड़ने का आदेश जारी हो गया. इनका आरोप है कि इस संस्था में जुड़े सभी लोग बाहरी हैं जिन्होंने खुद यहां पांच-पांच मंजिला मकान बनवाये हुए हैं, जबकि इज़ाज़त 4 मंज़िल तक ही है.

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VIDEO: कसौली हत्याकांड: आरोपी यूपी के वृंदावन से गिरफ्तार

वहीं गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में अवैध निर्माण और एक अफसर की हत्या को लेकर सख्ती दिखाई. कोर्ट ने कहा कि महिला अफसर की हत्या की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ये सोच नहीं चलेगी कि अवैध निर्माण करो बाद में कोर्ट में देखेंगे. अफसर की हत्या कोर्ट के आदेश की वजह से नहीं बल्कि कानून को लागू ना करने पर हुई. पूरे हिमाचल में अवैध निर्माण हुए हैं, सरकार क्या कर रही है. जो लोग कानून का पालन करते हैं वो दुखी हैं और जो कानून तोड़ते हैं उनको प्रोत्साहित किया जाता है. पहाड़ों में टूरिस्ट स्पॉट के नाम पर तेजी से अवैध निर्माण हुए हैं, केवल कसौली ही नहीं शिमला, कुल्लू, मनाली जैसे इलाकों में हज़ारों की संख्या में अवैध होटल बनाये गए हैं और वो भी सरकार की नाक के नीचे.



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