NDTV Khabar

सपने बुलंद हों तो मिलती है कामयाबी : GATE 2018 टॉपर ओसिमा कंबोज

ओसिमा को ऑल इंडिया लेवल पर आयोजित गेट की परीक्षा में प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रीज इंजीनियरिंग विषय में देशभर में प्रथम स्थान हासिल हुआ है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
सपने बुलंद हों तो मिलती है कामयाबी : GATE 2018 टॉपर ओसिमा कंबोज
नई दिल्‍ली:

अमेरिका की मशहूर टीवी प्रेजेंटर जेसिका सैविच ने कहा था कि "हर दो मिनट की शोहरत के पीछे आठ घंटे की कड़ी मेहनत होती है."

और आज जो शोहरत और कामयाबी हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली ओसिमा कंबोज को मिली है उसके पीछे कई सालों की मेहनत और हर दिन आठ से दस घंटे की पढ़ाई है. ओसिमा को ऑल इंडिया लेवल पर आयोजित गेट की परीक्षा में प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रीज इंजीनियरिंग विषय में देशभर में प्रथम स्थान हासिल हुआ है. ओसिमा की कहानी बेहद प्रेरणादायी है. वो छोटे से शहर से थी पर उनके सपने बड़े थे. 2013 में आईआईटी में ऑल इंडिया स्तर पर 1253 रैंक लाने वाली ओसिमा ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री ली है जिसके बाद उनको एक बेहतरीन नौकरी भी मिल गयी. ओसिमा चाहती तो आराम से अपनी जिंदगी व्यततीत कर सकती थी पर अब उनका मन और पढ़ाई करने का करने लगा और उन्होंने एक बेहद अहम फैसला लिया, वो था नौकरी छोड़ने का. फैसला मुश्किल था पर ओसिमा के माता-पिता ने उनका साथ दिया और वो दिल्ली छोड़ कर अपने घर आ गयी.

ओसिमा कहती है कि अगर मुश्किल फैसले लेने हों तो दुनिया की मत सुनिए, बस खुद पर यकीन रखिये और इतनी मेहनत कीजिये ताकि कोई आप पर सवाल न उठा पाए कि आप सब कुछ छोड़ कर घर वापस आ गए हैं. वो ये भी कहती है कि जो लोग ये सोचते हैं कि बड़े शहरो में रहते हैं उनकी तैयारी बेहतर होती है तो ये गलत है. आप जब अपने घर पर रहते हैं तो केवल पढ़ाई कर सकते हैं वरना घर से दूर रहने पर आपको बाकी बातों के बारे में भी सोचना पड़ता है.


ओसिमा ये भी बताती हैं कि उनके पास तैयारी का बेहद कम वक़्त था इसलिए उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के नोट्स को ही दोहराया. वो औरों को ये भी सलाह देती है कि अगर आप अपने कॉलेज की पढ़ाई को ध्यान से करते हैं तो आपको कम मेहनत में ज्यादा फ़ायदा मिल सकता है क्‍योंकि आपके कॉन्सेप्ट्स और बेस पहले ही क्लियर हैं. वो मॉक टेस्ट सीरीज को ज्वाइन करने की भी सलाह देती है ताकि टाइम मैनेजमेंट अच्छे से आ जाये. अगर आपके पास कोचिंग का टाइम न हो तो आप स्टडी मटेरियल लेकर भी अपनी तैयारी कर सकते हैं.

ओसिमा लगतार 9-10 घंटे पढ़ती थी और अपने को फिट और स्‍वस्‍थ रखने के लिए रोज योग भी करती थी. वो औरों को ये सीख भी देना चाहती हैं कि रिस्क लेना जरूरी है परन्तु उससे पहले विकल्प सोच लेने चाहिए. और साथ ही साथ वो ये भी कहती हैं कि शहर जिसमें आप पले बढ़े वो छोटा है या बड़ा इससे फर्क नहीं पड़ता, फर्क पड़ता है कि आपके सपने कितने बड़े हैं और आपका जज़्बा कितना मज़बूत है उसको पूरा करने के लिए.

गौरतलब है कि 16 मार्च को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) गुवाहाटी ने ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) - 2018 के नतीजे जारी किये थे. देश भर के अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक में दाखिला लेने के लिए गेट क्वालिफाई करना जरूरी होता है. गेट के रैंक के अनुसार ही एमटेक करने वाले विद्यार्थियों को दाखिला मिलता है. ऑल इंडिया स्तर पर 23 विषयों में आयोजित इस परीक्षा में देश भर के लाखों परीक्षार्थियों ने भाग लिया था.

टिप्पणियां

अंत में हमें स्वामी विवेकानंद की बात हमेशा याद रखनी चाहिए

ज़िन्दगी में जोखिम उठाना बहुत जरूरी है
जीतने पर आप नेतृत्व कर सकते हैं, हारने की सूरत में दूसरों को दिशा दे सकते हैं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement