UTI Prevention Tips: लगातार फास्ट रखने से हो सकता है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डॉक्टर से जानें व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान!

Precautions To Avoid UTI: यूटीआई से बचने के लिए आपको फास्टिंग (Fasting) के दौरान पूरे दिन कितना पानी पीना चाहिए? और व्रत के दौरान यूटीआई से बचने के लिए क्या खाना चाहिए? (What To Eat To Avoid UTI) इन सभी सवालों जवाब जानने के लिए अनिता शर्मा ने डॉ. शैलेश चंद्र सहाय, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजिस्ट (एम्स), मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली) से बात की.

UTI Prevention Tips: लगातार फास्ट रखने से हो सकता है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, डॉक्टर से जानें व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान!

Precautions To Avoid UTI: यूटीआई सबसे आम संक्रमणों में से एक है, जो खराब डाइट से हो सकता है

खास बातें

  • फास्टिंग के दौरान हाइड्रेशन का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है.
  • यूटीआई आपके मूत्र पथ में कहीं भी हो सकता है.
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से बचने के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है.

How To Avoid UTI: यूटीआई सबसे आम संक्रमणों में से एक है. यूटीआई के कारण (Causes Of UTI) कई हैं. एक यूटीआई आपके मूत्र पथ में कहीं भी हो सकता है. आपका मूत्र पथ आपके गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग से बना होता है. यह आपकी डाइटरी हैबिट्स (Dietary Habits) में बदलाव के कारण भी हो सकता है. जैसे आप कई दिनों तक लगातार व्रत करते है तो उस दौरान आपकी डायटरी हैबिट्स बदल जाती हैं और आप लिक्विड और पौष्टिक भोजन करने से चूक जाते हैं. ऐसे में आशंका रहती है कि आपको यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) हो सकता है. खासकर जब आप नवरात्रि (Navratri) के दौरान 8 से 9 दिनों तक फास्ट करते हैं तो आपको यह समस्या होने की आशंका रहती है. ऐसे में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से बचने के लिए सावधानियां (Precautions To Avoid Urinary Tract Infection) बरतने की जरूरत है. इसके लिए सबसे पहले हमें अपने पूरे दिन के हाइड्रेशन पर ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही आपको इस दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के लक्षणों (Symptoms Of Urinary Tract Infection) पर भी ध्यान रखना चाहिए.

अगर आपको इसके संकते महसूस होते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. यूटीआई से बचने के लिए आपको फास्टिंग (Fasting) के दौरान पूरे दिन कितना पानी पीना चाहिए? और व्रत के दौरान यूटीआई से बचने के लिए क्या खाना चाहिए? (What To Eat To Avoid UTI) इन सभी सवालों जवाब जानने के लिए अनिता शर्मा ने डॉ. शैलेश चंद्र सहाय प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजिस्ट (एम्स), मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली) से बात की.

व्रत रखने से पहले सावधान, हो सकता है यूटीआई, ये बरतें सावधानी

भारत त्योहारों का देश है. यहां सालभर कोई न कोई उत्वस आपका स्वागत करने को तैयार होता है. ज्यादातर त्योहारों या पर्वों में घर की महिलाएं या बड़े पुरुष भी व्रत रखते हैं. क्योंकि व्रत रखने के दौराना डाइट्री हेबिट्स थोड़ा बदल सकते हैं. और आप पानी और आहार ठीक से नहीं लेते. ऐसे में कई बार व्रत के नियमों को ठीक से न मानने या बहुत ज्यादा कठोर तरह से फॉलो करने से कई बार सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसी ही एक समस्या है, यूटीआई की.

तो अब सबसे पहला सवाल उठाता है कि यूटीआई है क्या?

यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है यह यूरिन यानी मूत्र से जुड़ा है. इसे शॉर्ट फॉर्म में यूटीआई कहा जाता है, यह असल में तब होता है, जब मूत्राशय यानी यूरिनरी ब्लैडर या इसकी नली में बैक्टीरिया से संक्रमण पैदा हो जाता है. यह काफी दर्दनाक भी हो सकता है. इस सक्रमण की मेन वजह ई-कोलाई बैक्टिरीया हो सकता है. यूटीआई होने के कई कारण हो सकते हैं जेसे सेक्स, लम्बे समय तक पेशाब रोके रखना, गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति और शुगर.

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सबसे पहले डॉक्टर से जानते हैं कि व्रत के दौरान यूटीआई के क्या कारण हो सकते हैं?

अब ये कैसे पता चले कि यूटीआई हुआ है. तो इसके लिए जरूरी है कि आपको इसके लक्षण पता हों. अगर आप भी लक्षण या Symptoms पहचानने में खुद को कमजोर मानते हैं, तो यह नियम यहां शायद न चले. क्योंकि यूटीआई के लक्षण आप बहुत ही आसानी से समझ सकते हैं. क्योंकि यूटीआई के लक्षण आप असानी से पकड़ सकते हैं. 

- पेशाब करते समय दर्द होना
- यूरिन पास करते हुए जलन महसूस होना
- बार-बार पेशाब का जोर बनना 
- यूरिन बहुत कम मात्रा में आना
- यूरिन का बहुत ज्यादा दबाव महसूस होना
- यूरिन से बदबू आना

अब सवाल यह उठता है कि इससे बचा कैसे जाए. क्योंकि व्रत तो आपको रखना ही रखना है. ऐसे में यूटीआई से बचने के लिए आप क्या उपाय अपना सकते हैं? 


यह तो बात थी आम लोगों की. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो किसी दूसरी बीमारी से जूझ रहे होते हैं और व्रत रखना भी उनके लिए जरूरी है. ऐसे लोग कैसे यूटीआई से बचे रह सकते हैं.

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(डॉ. शैलेश चंद्र सहाय, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजिस्ट (एम्स), मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली)