Coronavirus and Pregnancy: गर्भवती जानें क्या हैं कोविड-19 के जोखिम, बचाव और देखभाल, डॉक्टर से पाएं सवालों के जवाब

Coronavirus Infection and Pregnancy: कोरोनावायरस में प्रेगनेंट महिलाओं को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए इस बारे में हमने बात की गायनेकोलॉजी, ऑब्स्टेट्रिक्स और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तृप्ति शरण से. डॉ. तृप्ति शरण ने बताया कि किस तरह की सवधानियां बरत कर महिलाएं गर्भावस्था में कोवि‍ड-19 का जोखिम कर सकते हैं इससे बचाव के क्या उपाय हैं और उन्हें किस तरह अपनी और बच्चे की देखभाल करनी चाहिए. 

Coronavirus and Pregnancy: गर्भवती जानें क्या हैं कोविड-19 के जोखिम, बचाव और देखभाल, डॉक्टर से पाएं सवालों के जवाब

Coronavirus Infection and Pregnancy: जानें प्रेगनेंट महिलाओं को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

खास बातें

  • लॉकडाउन के 12 दिन
  • बीते 7 दिन में बढ़े 3 हजार मरीज
  • घबराने की जरूरत नहीं : सरकार

Coronavirus Latest Update: भारत में कोरोना वायरस के मामलों (Coronavirus Live Update) को देखें तो आज सुबह 9:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में 32 लोगों की मौत हो गई और 693 नए मामले सामने आए. भारत में कोरोनावायरस के कुल 4000 से ज्यादा  मरीज हो चुके हैं और अब 100 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं. वहीं अच्छी बात यह है कि 292 लोग इलाज से ठीक भी हो चुके हैं. दुन‍िया भर में वहीं अगर पूरी दुनिया के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो यह बीमारी अब तक 183 देशों में फैल चुकी है. कुल 12,75,144 लोगों को संक्रमित करने वाले कोरोनावायरस से अब तक 69,487 मौतें हो चुकी हैं और 2,60,520 लोग ठीक हो चुके हैं. वहीं 9,45,137 का इलाज चल रहा है. कोरोनावायरस कम इम्यूनिटी वाले मरीजों के लिए घातक सिद्ध होता है. ऐसा ही एक समुह है गर्भवती महिलाओं का. उनके लिए भी कोव‍िड 19 के जोख‍िम पर चर्चा की जानी चाह‍िए. 

Coronavirus Infection and Pregnancy: कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों की चिंता और ड़र के बीच दिल्ली-एनसीआर ने उस समय राहत की सांस ली जब एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर की पत्नी, जो कि एक कोविड-19 पॉजीटिव है, ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. यह पहला दंपती है जिसका कोविड-19 टेस्ट पॉजीटिव पाया गया था और तब भी एक स्वस्थ बच्चे ने जन्म लिया है. इससे पहले चीन में भी ऐसे मामले देखने को मिल चुके थे, जिनमें कोरोना पॉजिटिव मां ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया हो. लेकिन फिर भी इस खबर का मतलब यह बिलकुल नहीं है क‍ि गर्भवती महिलाओं को कोरोना से बचाव के तरीकों को अपनाने की जरूरत नहीं. क्योंकि कोविड-19 बहुत ही तेजी से फैलने वाला एक बेहद संक्रामक रोग है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को यह और जल्दी भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में प्रेगनेंट महिलाओं को खास ख्याल रखने की जरूरत है. 

तो कोरोनावायरस में प्रेगनेंट महिलाओं को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए इस बारे में हमने बात की गायनेकोलॉजी, ऑब्स्टेट्रिक्स और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तृप्ति शरण से. डॉ. तृप्ति शरण ने बताया कि किस तरह की सवधानियां बरत कर महिलाएं गर्भावस्था में कोवि‍ड-19 का जोखिम कर सकते हैं इससे बचाव के क्या उपाय हैं और उन्हें किस तरह अपनी और बच्चे की देखभाल करनी चाहिए. 

चलिए जानते हैं कोरोनावायरस में गर्भवती महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (COVID-19, Pregnancy, Childbirth and Breastfeeding)

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COVID-19, Pregnancy and Childbirth: सामान्य आबादी की तुलना में गर्भवती महिलाएं कोविड-19 संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं.

कोरोनावायरस : जोखिम और बचाव (Coronavirus and Pregnancy: Risks and Precautions)

- सामान्य आबादी की तुलना में गर्भवती महिलाएं कोविड-19 संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं.
- गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य देखभाल के मामले में एक स्पेशल कैटेगरी हैं और संभवतः गर्भावस्था के दौरान प्रतिरक्षा कम होने से महिलाएं अतिसंवेदनशील हो जाती हैं. 
- फर्श और सतहों को डिस-इंफेक्ट करने के प्रयास करें ताकी वायरस के प्रसार को रोका जा सके.
- गर्भवती महिलाओं को दिशा-निर्देशों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और आदर्श वाक्य ‘डू द फाइव' से अपनी सुरक्षा करनी चाहिए. ये पांच मंत्र हैं- 

1. सोशल डिस्टेंसिंग 
2. घर पर रहें 
3. हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें 
4. श्वसन से जुड़ी साफ-सफाई रखें
5. चेहरे को छूने से बचें


कोरोनावायरस महामारी के दौरान प्रजनन स्वास्थ्य (Management of pregnant women infected with COVID-19 )

बिना लक्षण वाली और असंक्रमित महिला के लिए नियमित जांच के लिए डॉक्टर के पास जाने से खुद को रोकना चाहिए. वे अपने डॉक्टर से फोन पर या छोटी बीमारियों और सवालों के लिए वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से परामर्श कर सकती हैं. प्रेगनेंसी के 12वें और 19वें सप्ताह में रक्त की जांच और स्कैन के लिए डॉक्टर विजिट जरूरी है. उन्हें रोजाना भ्रूण की गतिविधियों की निगरानी करनी चाहिए. अगली विजिट गर्भावस्था के 32वें सप्ताह में की जा सकती है. मरीजों को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, खासकर अगर उनमें सांस से जुड़े लक्षण हों. 


गर्भावस्था में कोविड-19 का क्लिनिकल प्रेजेंटेशन (Clinical manifestations of the pregnant COVID-19)  

ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में हल्के लक्षण नजर आते हैं और कोविड-19 संक्रमण अन्य वयस्कों जैसा ही होता है. हर क्लिनिकल इंटरवेंशन में विदेश यात्रा, संपर्क और श्वसन लक्षणों का इतिहास पूछा जाना चाहिए. कुछ महिलाओं को सांस लेने में कठिनाई पैदा हो सकती है और सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी) के लक्षण विकसित हो सकते हैं. गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से जिन्हें चिकित्सा रोग (मधुमेह, अस्थमा आदि) हैं, को निमोनिया और मार्क्ड हाइपोक्सिया हो सकता है. प्रतिरक्षा के मामले में कमजोर और अपेक्षाकृत ज्यादा उम्र में गर्भावस्था धारण करने वाली महिलाओं को अक्सर थकान, अस्वस्थता, शरीर दर्द और मतली और दस्त जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों जैसे लक्षण हो सकते हैं. ऐसे मामलों में जहां गर्भवती महिला का एक्स-रे लिया जाता है या सीटी स्कैन की आवश्यकता होती है, भ्रूण को विकिरण के जोखिम से बचाने के लिए पेट पर शील्ड होना चाहिए.


कोविड-19 संक्रमण का मां और भ्रूण पर प्रभाव 

गर्भावस्था के दौरान मां का रोग उतना खतरनाक नहीं होता, जब तक कि उसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, श्वसन रोग या उम्र की समस्या न हो. ऐसे मामलों में उसे श्वसन से जुड़ी गंभीर बीमारी होने का खतरा अधिक होता है. इन महिलाओं में लक्षणों के बिगड़ने और क्लिनिकल तस्वीर को लेकर सतर्क रहना चाहिए.

क्या करना चाहिए अगर गर्भवती में हो कोविड-19 संक्रमण (लेबर में नहीं) (What Pregnant Women Should Know About Coronavirus)

अगर एक गर्भवती महिला में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होती है, तो पहला चरण सिस्टमेटिक स्टेटस का आकलन करना होता है.

- अगर लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं, तो महिला को मौजूदा व्यवस्था के तहत अस्पताल में क्वारेंटाइन करना चाहिए.
- अगर संख्या बढ़ती है, तो क्वारेंटाइन के लिए अस्पताल में दाखिले पर सरकारी दिशानिर्देश बदले जा सकते हैं. 
- अगर लक्षण दिखते हैं तो उसे स्वयं मॉनिटर करना चाहिए और रिपोर्ट करना चाहिए.
- लक्षण नजर आते हैं, तो यह निर्णय लेना होता है कि अस्पताल में भर्ती किया जाए या आगे गहन देखभाल की आवश्यकता होगी.

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Coronavirus and Pregnancy: कोविड-19 संक्रमण की वजह से प्रसव के समय को नहीं बदला जाना चाहिए.  

कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित प्रेगनेंट महिला की डिलीवरी (COVID-19, Pregnancy and Childbirth)

- कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित महिला के प्रसव और प्रसूति का प्रबंधन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि प्रसव के समय को कोविड-19 संक्रमण की वजह से नहीं बदला जाना चाहिए. 
- संक्रमण होने का यह संकेत भी नहीं है कि प्रसव को प्रेरित किया जाए या महिला की प्रसूति जल्दी कराई जाए. 
- उनकी देखभाल वैसे ही की जानी चाहिए जैसी कि कोविड-19 की अन्य रोगियों की देखभाल की जाती है और स्टैंडर्ड ऑब्स्टेट्रिक प्रैक्टिस और प्रोटकॉल का पालन करना चाहिए. 
- निमोनिया के कुछ रोगियों को सीजेरियन सेक्शन से लाभ हो सकता है, लेकिन सर्जरी के रूप में अतिरिक्त तनाव से गुजरने के जोखिम का सावधानीपूर्वक आकलन और चर्चा होनी चाहिए. 
- जनरल एनेस्थेशिया से आमतौर पर परहेज किया जाता है. क्योंकि इसमें इंटुबैशन शामिल होता है, इसलिए हमेशा स्पाइनल एनेस्थेसिया पसंद किया जाता है.
- हर जांच और संपर्क के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षात्मक गियर का ध्यान रखना चाहिए. 

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COVID-19 and Breastfeeding: अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कोविड-19 स्तन के दूध से स्रावित होता है. Photo Credit: iStock


कोविड-19 संक्रमित माता और स्तनपान (Is it safe for a mother to breastfeed if she is infected with coronavirus)

अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कोविड-19 स्तन के दूध से स्रावित होता है. स्तनपान के लाभ इस जोखिम को कम कर सकते हैं. बच्चे को संक्रमण न हो इसके लिए स्तनपान कराने वाली माओं को ये सावधानियां बरतनी चाहिए:

- एक गर्भवती महिला को अपने बच्चे को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को धोना चाहिए.
- स्तनपान कराने के दौरान मां को मास्क पहनना चाहिए और बच्चे के सामने छींकने से बचना चाहिए.
- मां ने जहां भी छुआ है, उन सभी सतहों को साफ और कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.
- अगर मां को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होती है या वह संदिग्ध है, तो उसे हाथ से या पंप के द्वारा स्तन का दूध निकालकर बोतल में भरना चाहिए. बोतल या पंप को हाथ लगाने से पहले हाथ धोना है और इस्तेमाल के बाद पंप की उचित धुलाई और सफाई सुनिश्चित करना है.
- स्तन से निकाले गए दूध को पिलाने की जिम्मेदारी किसी ऐसे व्यक्ति को दी जाए, जो अभ्यस्त हो. 
- इस समय मां को यदि कोविड-19 संक्रमण है या शिशु में लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो टेस्ट की सिफारिश की जाती है. अच्छी स्वच्छता रखते हुए शिशु को स्तनपान करवाया जाना चाहिए.

(डॉ. तृप्ति शरण, सीनियर कंसल्टेंट, गायनेकोलॉजी और ऑब्स्टेट्रिक्स विभाग, बीएलके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल)

 
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