Coronavirus: नेगेटिविटी को दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

Coronavirus And Mental Health: कोरोनावायरस ने दुनिया को अनिश्चितता में डुबो दिया है. कोविड-19 (Covid-19) की महामारी के बारे में लगातार आ रही खबरों से यह महसूस किया जा सकता है. इस महामारी के रोजाना बढ़ने की खबरों के चलते मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है.

Coronavirus: नेगेटिविटी को दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

Coronavirus: कोरोनावायरस के दौरान नेगेटिविटी को दूर करने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

खास बातें

  • दिनभर की नेगेटिविटी को इन तरीकों से करें दूर.
  • पॉजिटिव रहने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके.
  • जानें चिंता से मुक्ति के लिए क्या उपाय करें.

Coronavirus (Covid-19): कोरोनावायरस ने दुनिया को अनिश्चितता में डुबो दिया है. कोविड-19 (Covid-19) की महामारी के बारे में लगातार आ रही खबरों से यह महसूस किया जा सकता है. इस महामारी के रोजाना बढ़ने की खबरों के चलते मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है. जाहिर काफी समय से एक कोरोनावायरस के कारण (Cuases Of Coronavirus) एक जैसी जैसी नेगेटिव खबरें (Nagative News) सुनने या देखने से दिमाग पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. खासकर यह उन लोगों के लिए और ज्यादा खतरनाक हो सकता है जो पहले से ही तनाव चिंता या ओसीडी (OCD) जैसी गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं. मानसिक रोग (Mental Disease) आपको सोचने और समझने की क्षमता को कम कर सकता है. जो लोग पहले ही स्ट्रेस में रहने से चिड़चिडे़ से हो जाते हैं उनके लिए इस तरह का माहौल या स्ट्रेस उनके विवेक पर तो भारी पड़ता ही साथ ही आपको मानसिक रूप से भी बीमार कर देता है. तो ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा कैसे करें. कैसे नकारात्मकता से सकारात्मक बने रहें.

समाचार के बारे में चिंतित होना समझ में आता है, लेकिन कई लोगों के लिए यह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बदतर बना सकता है. जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस के प्रकोप (Coronavirus Outbreak) के दौरान आपके मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सलाह जारी की, तो सोशल मीडिया पर इसका स्वागत किया गया.

इन तरीकों को अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बनाएं बेहतर

1. हाथ धोएं लेकिन जरूरत से ज्यादा बार नहीं!

कोरोनावायरस से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना जरूरी है लेकिन जरूरत से ज्यादा बार धोना या किसी को बार-बार बेवजह हाथ धोने के लिए कहने से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य असर पड़ सकता है. क्योकि अभी की परिस्थितियों में कोरोना वायरस के प्रकोप से लोग दहशत में हैं. ओसीडी यानि ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति और ऐसे लोग जो चिंता जैसी समस्याओं से परेशान हैं ऐसे लोगों के लिए, अपने हाथों को धोने को लगातार धोने के लिए कहा जाना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है.

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Coronavirus: कोरोनावायरस से बचाव के लिए हाथ धोना जरूरी है लेकिन जरूरत से ज्यादा धोने से बचना चाहिए!

2. करीबियों से बात करना न छोड़ें

स्ट्रेस होने पर अक्सर आपका किसी से बात करने का मन नहीं करता है लेकिन जब आप अपनी सारी परेशानी किसी से शेयर करते हैं तो आप मन को हल्का सा महसूस करते हैं. ऐसे में माहौल में जब हर तरह कोरोना वायरस के बारे में नेगेटिव खबरें ही आ रही हैं तो हमें अपने करीबियों से बात करना नहीं छोड़ना चाहिए, जिससे हमारे अंदर पॉजिटिविटी बनी रहे. अगर आपने खुद को क्वारेंटाइन किया है तो अपने डेली रुटीन में हर दिन कुछ अलग करने की कोशिश करें.

3. व्यायाम करें और हाइड्रेट रहें

एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि कोरोनावायरस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को पहले इफेक्ट करता है. ऐसे में इम्यूनिटी बढ़ाने की चिंता या जिन लोंगों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें बिना किसी चिंता के रोजाना व्यायाम करना चाहिए और हाइड्रेट रहना चाहिए. इससे आपका दिमाग भी एक्टिव और पॉजिटिव रह सकता है.

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Mental Health: मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी!

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) क्या है?

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) यह एक चिंता विकार है, जो आपके दिमाग में उत्पन्न विचारों से होती है. यह वो विचार हैं, जिनके बारे में लगातार सोचते रहने से या तो यह आपकी आदत बन जाती है या फिर आपके डर का रूप ले लेती है। इस विकार से ग्रस्त व्यक्ति को समझ में नहीं आता है कि उसके दिमाग में जो विचार आ रहें हैं वो सही भीहैं या नहीं. इस दौरान दिमाग में आने वाले विचारों को अनदेखा करने और रोकने के लिए आप प्रयास कर सकते है, लेकिन यह प्रयास केवल आपके तनाव और चिंता को और बढ़ा देते हैं.

ये भी हैं पॉजिटिव रहने के कुछ उपाय

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- अगर आप बेहतर महसूस नहीं कर रहे हैं, तो समाचार पढ़ने या देखने में बिताए गए समय की मात्रा को सीमित करें. खबरों की जांच के लिए एक विशिष्ट समय तय करें.
- चारों ओर गलत सूचनाओं की भरमार है. ऐसे में सरकार और एनएचएस वेबसाइटों जैसे सूचना के विश्वस्त स्रोतों से ही अपनी जानकारी बढ़ाएं.
- सोशल मीडिया से ब्रेक लें और उन चीजों को म्यूट करें जो ट्रिगर हो रहे हैं.
- ऐसे लोगों को या न्यूज के माध्यमों को अनफॉलो करें जो कहीं भी चालू हो जाते हैं.
- व्हाट्सएप ग्रुप्स को म्यूट करें और फेसबुक से भी कुछ समय के लिए दूरी बना सकते हैं.
- समाचारों को कम  मात्रा में देखें या पढ़ें आप समाचार से संबंधित जो भी पढ़ते या देखते हैं उससे सावधान रहने की जरूरत है.

(अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता).