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Bipolar Disorder: बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है, जानें बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण और इलाज के तरीके

Bipolar Disorder Symptoms: बाइपोलर डिस्‍आर्डर क्या होता है, क्यों मन में सुसाइड करने का ख्याल आता है. बाइपोलर डिस्‍आर्डर के क्या हैं लक्षण और कैसे किया जा सकता है इससे बचाव जानें यहां..

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Bipolar Disorder: बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है, जानें बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण और इलाज के तरीके

Bipolar Disorder: रोगी को इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी या साइको-एजुकेशन और कुछ दवाएं दी जा सकती हैं

खास बातें

  1. बाइपोलर डिस्‍आर्डर के रोगी का माइंड लगातार बदलता रहता है
  2. इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति एक पल में खुश, दूसरे पल में दुखी हो जाते हैं
  3. क्या होता है बाइपोलर डिस्‍आर्डर और इसके लक्षण जानें क्या हैं उपाय

Bipolar Disorder: कितना अजीब है न जब कोई व्यक्ति एक ही समय में खुश हो और उसी समय आत्महत्या करने को उतारू हो जाए. क्या आपने इस बीमारी के बारे में सुना है. यह बीमारी किसी लाइलाज रोग से कम नहीं है. इसमें रोगी का माइंड लगातार बदलता रहता है. इस बीमारी को बाइपोलर डिस्‍आर्डर कहते हैं. यह एक कॉम्प्लेक्स मानसिक बीमारी (Mental Illness) है, जिसमें रोगी का मन लगातार कई महीनों या हफ्तों तक या तो बहुत उदास रहता है या फिर बहुत ज्यादा उत्साहित रहता है. इस रोग में व्यक्ति अचानक मूड़ स्विंग (Mood Swing) होता है. यह एक साइक्लिक डिसऑर्डर है, जिसमें पीडि़त व्यक्ति की मनोदशा बारी-बारी से दो अलग और विपरीत अवस्थाओं में जाती रहती है. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति के व्यवहार में तेजी से परिवर्तन आने लगता है. इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति अचानक से तनाव (Stress)  में आ जाता है और उसका आत्‍मविश्‍वास एकदम बढ़ जाता है और अगले ही पल में वह एकदम शांत हो जाता है. इस बीमारी में कई बार व्यक्ति चाहकर भी अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाता.

आमतौर पर यह बीमारी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में पाई जाती है. बाइपोलर डिस्‍आर्डर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं. बाइपोलर डिस्‍आर्डर के लक्षण क्या होते हैं साथ ही बाइपोलर डिस्‍आर्डर क्या है  इन सबकी जानकारी हम यहां देने वाले हैं अगर आप इस बीमारी के बारे में जानना चाहते हैं तो आप सही जगह आए हैं.. कई लोग बाइपोलर डिस्‍आर्डर का इलाज कैसे किया जा सकता है यह भी जानना चाहते हैं इसके उपाय क्या हो सकते हैं हम बताएंगे यहां. 


What is Bipolar disorder: बॉर्डरलाइन बाइपोलर डिसऑर्डर और बाइपोलर डिसऑर्डर में क्‍या है अंतर

बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है | What is Bipolar Disorder

बाइपोलर डिसऑर्डर एक प्रकार का मूड डिसऑर्डर है, जिसे उन्माद और हाइपोमेनिया के रूप में समझा जा सकता है. ये दोनों समस्‍याएं दिनों से लेकर महीनों तक हो सकती हैं. व्यक्ति का मूड बार-बार बदल सकता है, वह ऊर्जा से भरा महसूस कर सकता है. इस दौरान, लोग पूरे दिन और रात में बहुत कुछ करते हैं, पर थकते नहीं हैं. रोगी का यह स्‍वभाव लंबे समय तक जारी रह सकता है. आपके व्यवहार में बदलाव हाइपोमेनिक भी हो सकता है, इसमें व्यक्ति कम ऊर्जा के साथ उदास महसूस कर सकता है. नींद आना और कुछ भी नहीं करने करना, बाइपोलर डिसऑर्डर से संबंधित लक्षण हो सकते हैं.

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bipolar disorder causes bipolar disorder symptomsBipolar Disorder Causes: इस बामारी से पीड़ित व्यक्ति का माइंड लगातार बदलता रहता है

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण | Bipolar Disorder Symptoms

1. बाइपोलर डिसऑर्डर में आपको नींद न आने की समस्‍या हो सकती है. डिप्रेशन और थकान होना भी आम बात है.

2. इस रोग से पड़ित व्यक्ति का व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है. बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति में पागलपन और डिप्रेशन दोनों ही एक साथ हो सकते हैं. छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ा हो जाना भी इसका एक लक्षण है.

3. बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को सोचने में भी परेशानी होती है. वह किसी चीज के बारे में सोच नहीं पाते जिससे उन्हें भूलने की भी बीमारी हो जाती है.

4. इस रोग में व्‍यक्ति किसी काम को अच्‍छे से नहीं कर पाता. दूसरों से बात करने में परेशानी के कारण ऐसा होता है, जिसके कारण उनके काम में लगातार गड़बड़ी होती रहती है

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5. एनर्जी में कमी होना भी बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्‍यक्ति का आम लक्षण होता है. वह किसी कार्य को पूरा करने में परेशानी महसूस करते हैं. इस रोग से ग्रस्‍त व्यक्ति अपनी पूरी ऊर्जा काम में नहीं लगा पाते हैं. 

6. बाइपोलर डिसऑर्डर से पी‍ड़ित व्‍यक्ति हमेशा अपने ख्‍यालों में खोया रहता है. वह अपने खयालों में न जाने कहां तक पहुंचा जाता है. ऐसे व्यक्ति के दिमाग में हजारों बातें चलती रहती हैं जिन पर उनका काबू नहीं रहता.

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7. बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या अधिकतर उन लोगों में पायी जाती है जो शराब व नशीली दवाओं का उपयोग डिप्रेशन से बाहर आने के लिए करते हैं. ऐसे लोग शराब के इस्‍तेमाल से डिप्रेशन से बाहर तो नहीं आ पाते, बल्कि बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार हो जाते हैं.

8. बेकार की चीजों पर बहुत पैसा खर्च करना भी इस बीमारी का आम लक्षण है. व्यक्ति सोच ही नहीं पाता कि वह क्या कर रहा है.

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9. खाना न खाना भी इस बीमारी का लक्षण है. चिड़चिड़ेपन की वजह से ऐसे रोगी खाना भी बहुत कम खाते हैं. 

10. ऐसे रोगियों को उन चीजों का दुख होता है जिनका कोई महत्व ही नहीं होता है. बिना काम की चीजों पर वह अचानक दुखी हो सकते हैं.

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बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज या उपाय | Treatment Or Remedy For Bipolar Disorder

यह देखा गया है, कि बाइपोलर डिसऑर्डर वाले लोगों को हाइपोमेनिक या अवसादग्रस्तता के दौरान मदद लेने की संभावना होती है, इस प्रकार, एमएचपी मानसिक स्वास्थ्य की जांच करके, फैमिली फोकस्ड थेरेपी जैसे ईसीटी द्वारा रोगी को मदद दी जाती है. रोगी को इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी या साइको-एजुकेशन और कुछ दवाएं, जिनमें मूड स्टेबलाइजर्स और एंटीडिपेंटेंट्स शामिल हैं, दी जाती हैं.


1. बाइपोलर डिसऑर्डर का प्रमुख कारण तनाव है इसलिए तनाव कम से कम लें. तनाव के स्‍तर को कम करने के लिए सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि तनाव का क्‍या कारण है. 

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2. बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या उनमें भी पाई जाती है जो नशीले पदार्थो का सेवन डिप्रेशन से छुटकारा पाने या दिमाग को शांत रखने के लिए करते हैं. नशीले पदार्थों से दूर रहें क्‍योंकि सिगरेट या शराब के सेवन से तनाव घटने की बजाय बढ़ता है और तनाव बाइपोलर डिसऑर्डर को बढाता है.

3. बाइपोलर डिसऑर्डर में नियमित व्‍यायाम बेहतर उपाय है. व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें. 

4. असंतुलित भोजन दिनचर्या आपके तनाव को बढ़ाती है. तनाव के ज्‍यादा बढ़ने से बाइपोलर डिसऑर्डर की समस्‍या बनती है.

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5. बाइपोलर डिसऑर्डर में लोगों को नींद की समस्‍या होना आम है. डिप्रेशन के कारण या तो वे बिल्‍कुल नहीं सो पाते या बहुत ज्‍यादा सोते हैं. ऐसे लोग बहुत अधिक थकान भी महसूस करते हैं. 

6. अपने दिमाग को सकारात्मक रखें. नकारात्मक पहलुओं के बारे में न सोचें. अगर आपके साथ कुछ ऐसा हुआ है, जिसे सोचकर आप तनाव में आ जाते हैं तो बेहतर होगा कि आप जिंदगी के नकारात्मक पहलुओं से खुद को दूर रखें और उनके बारे में न सोचें.

क्‍या आप सोचते हैं जरूरत से ज्‍यादा?


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