Water Birth: क्‍या होती है वाटर बर्थ डिलीवरी, कैसे की जाती है, Kalki Koechlin ने शेयर की Delivery Photos

Water Birth Technique: क्‍या आप जानते हैं क‍ि सिजेरियन (Cesarean Delivery) और नॉमर्ल डिलीवरी (Normal Delivery) के अलावा एक और व‍िकल्‍प होता है, जो कम दर्द वाला होता (Pain During Childbirth) है और बच्‍चे के लिए सेफ भी होता है. चलिए जानते हैं क्‍या है वाटर बर्थ, कैसे किया जाता है और इसके बारे में सबकुछ - 

Water Birth: क्‍या होती है वाटर बर्थ डिलीवरी, कैसे की जाती है, Kalki Koechlin ने शेयर की Delivery Photos

Kalki Koechlin के बच्‍चे की डिलीवरी वॉटर बर्थ तकनीक (Water Birth Technique) से हुई.

खास बातें

  • कल्कि कोचलिन (Kalki Koechlin) ने अपनी डिलीवरी फोटो साझा की.
  • कल्‍कि कोचल‍िन ने कुछ दिन पहले ही एक बेटी को जन्‍म दिया है.
  • इस बच्‍चे की डिलीवरी वॉटर बर्थ तकनीक (Water Birth Technique) से हुई.
नई दिल्ली:

बॉलीवुड एक्‍ट्रेस कल्कि कोचलिन (Kalki Koechlin) ने हाल ही में इंस्‍टाग्राम पर अपनी डिलीवरी की फोटो (Delivery Photos) साझा की. कल्‍कि कोचल‍िन ने कुछ दिन पहले ही एक बेटी को जन्‍म दिया है. इसका नाम कल्‍क‍ि ने Sappho रखा. इस बच्‍चे की डिलीवरी वॉटर बर्थ तकनीक (Water Birth Technique) से हुई. इस बात का खुलासा कल्कि के इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट (Kalki Koechlin Instgram Post) से लगाया जा सकता है. इसके साथ ही लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है क‍ि आखिर वॉटर डिलीवरी (What is Water Birth Delivery) क्‍या होती है, कैसे की जाती है. मां बनने का सुख अलग ही है. लेकिन नौ महीने तक पेट के भीतर जिस बच्‍चे को पल-पल महसूस किया हो जब उसके दुनिया में आने का समय आता है तो हर औरत के मन में एक ड़र होता है. ड़र इस बात का कि बच्‍चे के जन्‍म के समय उसे कितने दर्द से गुजरना होगा. घर वाले नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery) की बात करते हैं तो कहीं न कहीं अंदर ही अंदर हर औरत सिजेरियन (Cesarean Delivery) के बारे में सोचने लगती है, क्‍योंकि जिस दर्द (Labor Pain) के बारे में उसने सुना है उसे फेस करने का अलग ही डर होता है. इसी ड़र के कारण कई बार महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी करा ही नहीं पाती. लेकिन क्‍या आप जानते हैं क‍ि सिजेरियन और नॉमर्ल डिलीवरी के अलावा एक और व‍िकल्‍प होता है, जो कम दर्द वाला होता है और बच्‍चे के लिए सेफ भी होता है. चलिए जानते हैं क्‍या है वाटर बर्थ, कैसे किया जाता है और इसके बारे में सबकुछ - 

क्‍या सिजेरियन डिलीवरी के बाद नार्मल डिलीवरी हो सकती है? क्या कहते हैं डॉक्‍टर्स

इससे पहले एक नजर देख लेते हैं कल्कि की यह तस्‍वीर - 

Doula. I can't experience childbirth and not talk about this word. The word comes from the ancient Greeks and meant 'a woman's maid', it is now a support system of women for women during the process of pregnancy, labour and post partem care. I didnt know about the function of a doula myself until I got pregnant. No matter how much you read up, prepare or ask your doctor, there are challenges in childbirth that one can only know from experience and practice. A doula provides massages, breathing techniques and excercises during active labour, other support like hypnobirthing, a birth plan for the hospital, your first bonding with your baby, breastfeeding and so many other essentials which believe me, when you're a first time mum, feel like your first day at a new school all over again! In this photo I'm with my doula @newbeginningzz in the 'transitional' phase of labour, when you are almost ready to push the baby out and contractions are at their peak. For me it was by far the hardest part (so it's quite appropriate that the picture is a blur), and without Sanam's strong hands and steady voice guiding me through the breathing I'm not sure I would've been able to bear it. I've also had unbelievable support from @reba_beingalive a doula from @birthvillageindia who's constantly checking on me and making sure I'm not alone through all this. #sisterhood #doula #hypnobirthing #waterbirth #womenforwomen #pregnancy

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क्‍या होती है वाटर बर्थ डिलीवरी, कैसे की जाती है, क्‍या हैं फायदे (What Is Water Birth Technique, Benefits, Risks) 

क्‍या है नॉर्मल बर्थ डिलीवरी (What Is Normal Birth Technique)


आमतौर पर लोगों को प्रसव या डिलीवरी के दो ही तरीकों के बारे बारे में पता होता है. पहला नॉर्मल डिलीवरी और दूसरा सिजेरियन डिलीवरी. नॉर्मल डिलीवरी या प्रकृतिक प्रसव में समय आने पर बच्‍चा मां के पेट में नीचे की ओर पुश करने लगता है और धीरे-धीरे मां के यूट्रस का मुंह खुल जाता है. इसी प्रक्रिया में डॉक्‍टर मदद करते हैं और बच्‍चे को प्राकृत‍िक रूप से योनिमार्ग से बाहर लाया जाता है. पहली डिलीवरी में यह प्रक्र‍िया समय ले सकती है. कई बार यह दर्दनाक होती है. 

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क्‍या है वाटर बर्थ डिलीवरी (What Is Water Birth Technique)

अगर यह कहा जाए क‍ि वाटर बर्थ डिलीवरी नॉर्मल का ही एक प्रकार है तो गलत नहीं होगा. इसमें फर्क यह है क‍ि दावा किया जाता है क‍ि इस दौरान प्रसव पीड़ा कम होती है. कुल मिलाकर वाटर बर्थ नॉर्मल डिलीवरी का वह तरीका है जो इस दौरान होने वाले दर्द को कम करने में मददगार है. अब अगर फेक्‍ट्स की बात की जाए तो कई अध्‍ययन यह बात कह चुके हैं क‍ि वाटर बर्थ डिलीवरी में नार्मल डिलीवरी से 50 फीसदी दर्द कम होता है. इतना ही नहीं यह कई तरह के संक्रमण से भी मां और बच्‍चे को बचा सकती है. 

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कैसे की जाती है वाटर बर्थ डिलीवरी (How do you give birth in water?)


वाटर बर्थ डिलीवरी में गर्भवती या प्रसव में प्रवेश कर चुकी महिला को गुनगुने पानी के बड़े टब में बैठाया जाता है. आमतौर पर इस टब की क्षमता 500 लीटर की होती है. इस बात का भी पूरा ध्‍यान रखा जाता है क‍ि टब की गहराई कम से कम ढाई से तीन फ़ीट हो. यह पूरी तरह से गर्भवती के शरीर के आकार पर निर्भर करता है कि टब का आकार कैसा होगा. इस दौरान टब के पानी का तापमान एकसार रखने के लिए इसमें कई तरह के उपकरण लगाए जाते हैं. इनमें संक्रमण रोकने वाले और वाटर प्रूफ उपकरण होते हैं. प्रसव पीड़ा शुरू होने के कितने घण्टे के बाद गर्भवती को इस टब में ले जाया जाएगा इस बात का फैसला उसकी स्‍थि‍त‍ि का जायजा लेने के बाद डॉक्‍टर करते हैं. 

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वाटर बर्थ डिलीवरी के फायदे (Water Birth Technique Benefits)

1. डॉक्‍टर्स की मानें तो वाटर बर्थ से योनि में होने वाला खिचाव या ट‍ियर‍िंग भी कम होती है. इसकी वजह है क‍ि टिश्यू जब गरम पानी के संपर्क में आते हैं तो बहुत सॉफ्ट हो जाते हैं. 

2. जैसा कि हमने बताया वाटर बर्थ डिलीवरी के समय महिला गरम पानी में रहती है, तो यह उसे डिलीवरी स्‍ट्रेस से बचाने में भी मदद करता है.

3. क्‍योंकि गर्भवती गर्म पानी में होती है, तो उसके शरीर में एंड्रोफिन हार्मोन ज़्यादा बनते हैं. इसी वजह से दर्द का एहसास कम होता है. 

4. डॉक्‍टर्स की मानें तो वाटर बर्थ डिलीवरी के दौरान एनेस्थीशिया की जरूरत काफी कम हो जाती है.

5. गर्म पानी में रहने से गर्भवती को घबराहट कम महसूस होती है. 

6. क्‍योंक‍ि वाटर बर्थ के दौरान ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखा जा सकता  है.

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