World Asthma Day: योग से कंट्रोल करें अस्थमा को, 3 योगासन जो दमा में हैं फायदेमंद

विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day): अस्थमा क्या है (What Is Asthma), तो आपको बता दें कि अस्थमा या दमा सांस से जुड़ी एक बीमारी है. योगाभ्यास से अस्थमा में आराम पाया जा सकता है और अगर अस्थमा (Asthma Prevention) नहीं है तो इसे टाला भी जा सकता है. जानते हैं अस्थमा में मददगार 3 योगासन (Yoga For Asthma) कौन से हैं- 

World Asthma Day: योग से कंट्रोल करें अस्थमा को, 3 योगासन जो दमा में हैं फायदेमंद

विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day): जानते हैं अस्थमा में मददगार 3 योगासन (Yoga For Asthma) कौन से हैं.

खास बातें

  • योग के दौरान अस्थमा के मरीजों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए.
  • योग करते समय अपने पास इन्हेरलर या अपनी दवाएं जरूर रखें.
  • किसी योग शिक्षक की निगरानी में ही योग शुरू करें.

अस्थमा क्या है (What Is Asthma), तो आपको बता दें कि अस्थमा या दमा सांस से जुड़ी एक बीमारी है. अस्थमा यानी दमा पर जागरुकता के लिए हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) मनाया जाता है. अस्थमा या दमा के कई कारण (Causes of Asthma) हो सकते हैं. दमा होने पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और इसी वजह से फेफड़ों को जरूरी मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाता है. अस्थमा में सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, खांसी और घरघराहट होती है. अस्थमा का अटैक में तुरंत राहत के लिए इन्हेलर का सहारा लिया जाता है. इसे लेने के बाद कुछ ही देर में सांसे लेने आसानी हो जाती है. इस अटैक का मुख्य कारण शरीर में मौजूद बलगम और संकरी श्वासनली है, लेकिन इसके अलावा अस्थमा के अटैक के कई बाहरी कारण भी होते हैं, जिस वजह से दमे का अचानक अटैक (Asthma Attack) पड़ता है.

अस्थमा या दमा में गला व छाती सबसे ज्याद प्रभावित होते हैं. अस्थमा रोग‍ियों को कई तरह की सावधानियां बरतनी होती हैं. अस्थमा के लक्षणों को समझना भी जरूरी है. अस्थमा के असर को आपके शरीर पर कम करने के लिए अक्सर सलाह दी जाती है योग की. योगाभ्यास से अस्थमा में आराम पाया जा सकता है और अगर अस्थमा (Asthma Prevention) नहीं है तो इसे टाला भी जा सकता है. जानते हैं अस्थमा में मददगार 3 योगासन (Yoga For Asthma) कौन से हैं- 

अस्थमा के लिए योगासन (Yoga For Asthma)


अस्थमा से राहत दिला सकता है सेतुबंधासन योगासन

अस्थमा रोगियों या उन लोगों के लिए इस आसन को उपयोगी मना जाता है, जो सांस की बीमारी से पीडि़त हैं. यह योगासन करने से फेफड़ों और सीने पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता हैं. यह अस्‍थमा के दौरान करना काफी लाभप्रद माना जाता है. इसे करने से फेफड़े खुलते हैं और सीना चौड़ा होता हैं.bridge pose bodypower

Yoga For Asthma: इसे करने से फेफड़े खुलते हैं और सीना चौड़ा होता हैं. 


कैसे करें सेतुबंधासन

- पीठ के बल लेट जाएं.

- दोनों हाथ शरीर के साथ सीधे रखें.

- हथेली को जमीन से लगा लें. अब घुटनों को मोड़ें, जिससे कि तलवे जमीन से लगें.

- अब सांस लें और कुछ देर तक इसे रोक कर रखें. धीरे-धीरे कमर को जमीन से ऊपर उठा लें.

- कमर को इतना ऊपर उठाएं कि छाती ठुड्डी को छू ले.

- कोहनी से मोड़ें और हथेलियों को कमर से नीचे ले आएं. 

अस्थमा से राहत दिलाता है अर्ध मत्येंद्र आसन:

अर्धमत्स्येन्द्रासन दमा रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद मना गया है. इस आसन से फेफड़ों में खुल कर ऑक्सीजन जाती है. 

कैसे करें अर्ध मत्येंद्र आसन:

- पैरों को आगे की तरफ कर चटाई पर बैठ जाएं. बायें पैर को मोड़कर एड़ी कूल्हों के नीचे ले आएं. 
- अब पैर के तलवे को दाहिनी जांघ के साथ लगा दें. 
- अब दाहिने पैर को घुटने से मोड़ कर खड़ा कर लें और बायें पैर की जांघ से ऊपर ले जाते हुए जांघ के पीछे जमीन के ऊपर करें. 
- बायें हाथ को दाहिने पैर के घुटने के बगल में दबा लें और दाहिये पैर का अंगूठा पकड़ें. दांया हाथ पीठ के पीछे से घुमा कर बायें पैर की जांघ को पकड़ें. 
- चेहरे को दांयी ओर घुमाएं इतना कि ठोड़ी और बांयां कन्धा एक सीध में हो जाएं. 

दमा रोगियों के लिए फायदेमंद है शवासन

शवासन आपको तनावमुक्त करता है. और अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए सबसे जरूरी है तनावमुक्त होना बहुत जरूरी है. कई बार इस बीमारी का डर ही रोगी को आलसी बना देता है. इसलिए तनावमुक्त रहना जरूरी है, जिससे कि शरीर पहले से ज्यादा चुस्त रहेगा.
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Yoga For Asthma: शवासन आपको तनावमुक्त करता है.  




कैसे करें शवासन

 
- शवासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं.

- दोनों पैरों में ज्यादा से ज्यादा अंतर रखें. ध्यान रहे पैरों के पंजे बाहर और एड़िया अंदर की ओर हों.

- हाथों को शरीर से 6 इंच की दूरी पर ले जाएं और उंगलियों को बेजान छोड़ दें ताकि वे मुड जाएं.

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- आंखों को बंद कर लें. 

नोट: योग के दौरान अस्थमा के मरीजों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए. योग करते समय अपने पास इन्हेरलर या अपनी दवाएं जरूर रखें. योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें और किसी योग शिक्षक की निगरानी में ही योग शुरू करें. 

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(अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता.)