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जयपुर के बाद अब हैदराबाद भी हुआ 'गुलाबी', जानिये क्‍या है इसकी वजह...

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जयपुर के बाद अब हैदराबाद भी हुआ 'गुलाबी', जानिये क्‍या है इसकी वजह...
हैदराबाद:  'पिंक सिटी' कहे जाने वाले जयपुर को अप्रत्याशित तौर पर ही सही, लेकिन एक शहर तगड़ी प्रतियोगिता देने जा रहा है। हैदराबाद में इस महीने के अंत में स्थानीय चुनाव होने हैं और सत्तासीन तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने शहर में 9 हजार ऐसे होर्डिंग्स लगा दिए हैं जिनका रंग गुलाबी है। इन होर्डिंग के जरिए पार्टी उन स्कीमों और चुनावी वादों का प्रचार कर रही है, जिनके जरिए पार्टी दावा कर रही है कि वह हैदराबाद को 'सपनों के शहर' में तब्दील कर देगी।

लगता तो यह जरूरत से ज्यादा है, लेकिन टीआरएस को इस पर कोई 'शर्मिंदगी' नहीं है। मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव अब शहर में लगभग हर खंभे पर नजर आ रहे हैं। उनकी सांसद बेटी के कविता का कहना है, 'हां, वह हर जगह हैं, वह हर जगह देखे जाने योग्य हैं।' आंध्रप्रदेश और तेलंगाना को 10 साल के लिए 'शेयरिंग बेसिस' पर हैदराबाद राजधानी के तौर पर दिया गया है। 2014 में तेलंगाना बनने के बाद यह पहला मौका है जब यहां निकाय चुनाव होने हैं।

मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव, जिन्हें बोलचाल की भाषा में वहां केसीआर बोला जाता है,  इस बार इस शहर में किसी भी तरह चुनावी बाजी गंवाना नहीं चाहते हैं और इसीलिए अनगिनत पोस्टरों और बोर्ड्स के जरिए वह किए गए कामों का बखान कर रहे  हैं, जिनमें 24 घंटे तक बिना रुके पानी की सप्लाई, विश्वस्तरीय सड़कें, पिछड़ों के लिए 2 बेडरूम वाला घर, महिला पुलिस अधिकारियों की SHE टीम का गठन, ताकि शहर में महिलाओं की सुरक्षा मुहैया करवाई जा सके.. जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया है।

NDTV से बातचीत में ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने कहा, 'यह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है। चूंकि वे विधानसभा चुनावों में ये मुद्दे उठाने में विफल रहे थे, इसलिेए अब बड़े-बड़े वादे करके लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।'


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