स्थानीय नेता के साथ कहासुनी के बाद दलित युवक को उठा ले गई पुलिस, थाने में मुंडवाया सिर और मूंछें, फिर बेल्ट से मारा

सत्तारूढ़ पार्टी YSR कांग्रेस के एक नेता से बहस हो जाने के बाद पुलिस ने इस युवक को पकड़कर उसके सिर के बाल और मूंछे मूंड़ दीं, फिर उसे प्रताड़ित किया.

स्थानीय नेता के साथ कहासुनी के बाद दलित युवक को उठा ले गई पुलिस, थाने में मुंडवाया सिर और मूंछें, फिर बेल्ट से मारा

वाईएसआर कांग्रेस के स्थानीय नेता से कहासुनी के बाद पुलिस उठाकर ले गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हैदराबाद:

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के पूर्वी गोदावरी जिले में एक दलित युवक (SC Youth Tortured) को पुलिस की प्रताड़ना (Police Assualt) का शिकार बनाए जाने की खबर है. जानकारी है कि सत्तारूढ़ पार्टी YSR कांग्रेस के एक नेता से बहस हो जाने के बाद पुलिस ने इस युवक को पकड़कर उसके सिर के बाल और मूंछे मूंड दी. फिर उसे प्रताड़ित किया. और भी हैरानी की बात यह है कि जानकारी है कि यह पूरी घटना सोमवार को सीतानगरम पुलिस स्टेशन में हुई है. 

इस मामले में शामिल दो पुलिसकर्मियों- सब-इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल को पहले निलंबित कर दिया गया था, लेकिन SC, ST Atrocities (Prevention) Act और आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वेदुल्लापल्ली गांव से आने वाले पीड़ित, वरा प्रसाद को राजामुंड्री सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दौरान उसे चोटें आई हैं.

मामला क्या था?

पीड़ित ने बताया कि मामला तब शुरू हुआ, जब वो और दो अन्य लोगों ने अपने घर के इलाके से गुज़र रही रेत की ट्रकों के मूवमेंट को रोका था क्योंकि वहां किसी का निधन हुआ था और वो अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे. इसपर वहां के एक स्थानीय नेता का गुस्सा भड़क गया और उसने कथित रूप से वरा प्रसाद को अपनी कार से धक्का दे दिया. इसके बाद दोनों पक्षों में कहा-सुनी हो गई. 

सूत्रों ने बताया कि इसके बाद यहां के स्थानीय वाईएसआर सीपी के विधायक ने दखल दिया और सीतानगरम पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर, जो अभी भी ट्रेनिंग में है, को कॉल करके वरा प्रसाद को 'सबक सिखाने' को कहा और वादा किया कि वो ऐसा करने पर सब इंस्पेक्टर को परमानेंट कर दिया जाएगा.

वरा प्रसाद ने स्थानीय पत्रकारों को बताया, 'अगले दिन सब-इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल हमारे गांव आए और मुझे और बाकी दो अन्य लोगों को जांच के नाम पर उठाकर ले गए. एसआई ने मुझे बेल्ट से अंधाधुंध मारा और फिर लातें भी मारीं. इसके बाद उन्होंने एक नाई को बुलवाया और मेरा सिर मुड़वा दिया, मूछें कटवा दीं, जबकि मैं उनसे मुझे छोड़ देने की मिन्नतें करता रहा.'

मामले में केस दर्ज, वाईएसआर पर हमले शुरू

इस मामले को लेकर दलित संगठनों की ओर से विरोध जताया गया, जिसके बाद वहां के डीएसपी ने मामले में जांच शुरू किया और एसआई और कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया. एलुरु रेंज के डीआईजी केवी मोहन राव ने बताया कि इस मामले में एसआई और दो कॉन्स्टेबलों के खिलाफ आईपीसी की धारा 324 (खतरनाक हथियार या किसी अन्य तरीके से किसी को चोट पहुंचाना), 323 (स्वैच्छिक रूप से किसी को चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी देना) के तहत केस दर्ज कराए गए हैं. वही, SC/ST Atrocities (Prevention) Act की भी कई धाराओं के तहत केस दर्ज है. 

डीआईजी ने कहा कि 'हमें एक दलित युवक को सीतानगरम पुलिस की ओर से प्रताड़ित की जाने वाली घटना पर खेद है. हम आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो.' राज्य के डीजीपी गौतम सवांग ने भी घटना की निंदा की है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं. 

मामले में तेलुगु देशम के नेता चंद्रबाबू नायडु ने ट्वीट कर वाईएसआर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 'दलित युवक को रेत के अवैध खनन पर रोक लगाने की कोशिश करने के चलते प्रताड़ित और अपमानित किया गया.' उन्होंने लिखा, 'आंध्र प्रदेश में जंगल राज लौट आया है. वरा प्रसाद का सिर वाईएसआरसी के नेताओं ने मुड़वाया है.' कांंग्रेस के पूर्व सांसद हर्ष कुमार ने मामले में सभी आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की है.

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