तेलंगाना: 16 साल की लड़की की शादी 23 साल के लड़के से कराने पर बवाल, घरवालों के खिलाफ केस दर्ज

तेलंगाना में पिछले 1 जून को एक बाल विवाह कराए जाने पर बवाल मच गया है. चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट्स ने शादी कराने वाले पंडित और लड़का-लड़की के परिवारवालों पर एक्शन लेने की मांग की है. 

तेलंगाना: 16 साल की लड़की की शादी 23 साल के लड़के से कराने पर बवाल, घरवालों के खिलाफ केस दर्ज

पिछले 1 जून को 16 साल की लड़की की शादी एक 23 साल के लड़के से कराई गई थी.

खास बातें

  • 1 जून को मंदिर में हुई थी शादी
  • एक्टिविस्ट का दावा- लड़की 13 साल की
  • मामले में पुलिस ने किया केस दर्ज
हैदराबाद:

तेलंगाना में पिछले 1 जून को एक बाल विवाह कराए जाने पर बवाल मच गया है. यहां पर 16 साल की लड़की की शादी एक 23 साल के लड़के से कराई गई है. मामला सामने आने के बाद चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट्स ने शादी कराने वाले पंडित और लड़का-लड़की के परिवारवालों पर एक्शन लेने की मांग की है. मामले में एक स्थानीय नेता और गांव के कुछ बुजुर्गों सहित दूल्हे, उसके और नाबालिग लड़की के माता-पिता के खिलाफ POCSO (Protection of Children from Sexual Offences), बाल विवाह रोक अधिनियम, और IPC (Indian Penal Code) की धारा 376 (रेप) और 366 (नाबालिग को शादी के लिए मजबूर करना) के तहत केस दर्ज किया गया है. 

यह मामला बलाला हक्कुला संगम के एक्टिविस्ट अच्युत राव ने दर्ज कराया है. उन्होंने पंडित, दूल्हे और लड़की-लड़के के माता-पिता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है. उनकी मांग थी कि मामले में POCSO और आईपीसी की 376 धारा के तहत रेप का केस दर्ज किया जाए क्योंकि शादी के बाद दोनों में शारीरिक संबंध बने थे. चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट्स का कहना है कि कानून होने के बावजूद तेलंगाना में बाल विवाह का प्रचलन है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि FIR में लड़की की उम्र 16 साल बताई गई है, लेकिन अच्युत राव का कहना है कि उसकी उम्र अभी 13 साल के आसपास है और एक महीने पहले ही कथित रूप से उसे मासिक धर्म आना शुरू हुआ था. दूल्हे की पहचान एक कन्स्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले राजू के तौर पर की गई है.

यह शादी हैदराबाद से 30 किलोमीटर दूर मेडचल जिले के कंडलाकोया के माता मंदिर में एक पंडित ने कराई थी. NDTV को मिले वीडियो में देखा जा सकता है कि पंडित शादी करा रहा है और मौके पर कम से कम 30 लोग मौजूद हैं. हालांकि, लॉकडाउन के नियमों के तहत शादी में 50 लोग इकट्ठा हो सकते हैं लेकिन फिर भी वहां लड़के-लड़की के पास बैठे कुछ मेहमानों को बिना फेस मास्क के देखा जा सकता है.

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यह नहीं पता चल पाया है कि यह मंदिर बस इस शादी के लिए खोला गया था या फिर इसे पहले से खोला जा रहा है. नियमों के हिसाब से सभी धार्मिक स्थल आठ जून के बाद से खोले जाने हैं. 

वीडियो: शादी के पैसों से जरूरतमंदों की मदद