स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग से 11 लोगों की मौत को राहुल ने बताया 'हत्या'

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले एक महीने से वेदांता की स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है

स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग से 11 लोगों की मौत को राहुल ने बताया 'हत्या'

राहुल गांधी (फाइल फोटो)

खास बातें

  • पुलिस की फायरिंग में 11 लोगों की मौत.
  • स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन
  • राहुल गांधी ने मौत को हत्या बताया.
चेन्नई:

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले एक महीने से वेदांता की स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन में मारे गये लोगों की घटना को राज्य सरकार द्वारा पोषित हत्या करार दिया है. बता दें कि मंगलवार को स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं और अपने बचाव में फायरिंग भी की. पुलिस से हुई हिंसक झड़प में 30 से ज्यादा लोगों के घायल हो गये हैं. 

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'तमिलनाडू में स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 11 की मौत राज्य पोषित आतंकवाद का क्रूर उदाहरण है. इन नागरिकों की हत्या अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए की गई. इन शहीदों और घायलों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना.'

इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 9 लोगों के मरने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि मरने वालों के परिवारों को 9 लाख रुपये और घायलों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि संयंत्र की तरफ बढ़ने से रोके जाने कारण प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस के वाहनों को पलट दिया. उन्होंने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार इकाई को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है.

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रैली निकालने की अनुमति न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों को खदेड़ने की कोशिश की और नारेबाजी करने लगे. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी पथराव करने लगे और पुलिस वाहन को पलट दिया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. उन्होंने बताया कि पथराव की घटना में बीस से अधिक लोगों को मामूली चोट आई हैं और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है. दर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित इकाई की वजह से क्षेत्र में भूजल प्रदूषित हो रहा है. गौरतलब है कि वहां 20 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जमा हुए थे.