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महाराष्ट्र के मालवानी मलाड इलाक़े में आईएस के खिलाफ उतरीं 133 मुस्लिम संस्‍थाएं

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महाराष्ट्र के मालवानी मलाड इलाक़े में आईएस के खिलाफ उतरीं 133 मुस्लिम संस्‍थाएं
नई दिल्‍ली: महाराष्ट्र का मालवानी मलाड इलाक़ा कुछ दिनों पहले इलाक़े में 3 मुस्लिम नवयुवकों के आईएसआईएस में शामिल होने की खबर से चर्चा में आ गया था। लेकिन अब इलाक़े में आईएसआईएस जैसे कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ लोग पूरी तरह से खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस के स्थानीय विधायक असलम शेख द्वारा शुरू की गई एक मुहिम में 133 मुस्लिम संस्‍थाओं के साथ-साथ सभी फ़िरक़ों के धर्म गुरु एक मंच पर इकट्ठा हुए। यहां पुलिस द्वारा बेगुनाह मुस्लिम नवयुवकों के साथ उनके परिवार को दिए जाने वाली यातनाओ पर चिंता व्यक्त की गयी। साथ ही कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ मुस्लिम समाज में जागरुकता अभियान चलाने का फैसला किया गया।

रमजान अली हाई स्कूल में मुसलमान और दहशतगर्द विषय पर बोलते हुए अल्लामा बुनोई हस्नी ने महाराष्ट्र में दहशतगर्दी के नाम पर मुस्लिम नौजवानों की गिरफ़्तारी पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि हम आईएसआईएस जैसे कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ सड़क पर आ खड़े हुए हैं। इस्लाम में दहशतगर्दी की पुरज़ोर मुखालफत की गयी है। असलम शेख ने कहा कि इस्लाम अमन का पैग़ाम देता है, जो दहशतगर्दी फैलाता है उसका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं हो सकता।

असलम शेख ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि शक के आधार पर पकड़े गए लोगों के नाम मीडिया के ज़रिये सामने आने के बाद उस परिवार का ज़िंदा रहना मुश्किल हो जाता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि जब भी कोई दहशतगर्दी के नाम पर मुस्लिम नौजवानों को जांच के लिए ले जाया जाये, उसका जुर्म साबित होने तक उस बच्चे की तस्वीर और नाम मीडिया में न दिया जाये। हाफिज शमशाद ने कहा कि आईएसआईएस का इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है। इसकी हम पुरज़ोर निंदा करते हैं, साथ ही हर जुमे की नमाज़ के दौरान सभी लोगों को आईएसआईएस जैसे कट्टरपंथी संगठनों से सावधान रहने की नसीहत दी जाएगी।


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