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1993 मुंबई बम ब्लास्ट: ताहिर मर्चेंट और फिरोज को फांसी और अबू सलेम, करीमुल्लाह को उम्रकैद की सजा

1993 के मुंबई धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने सजा पर फैसला सुना दिया है. फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान और ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनाई गई है.

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1993 मुंबई बम ब्लास्ट: ताहिर मर्चेंट और फिरोज को फांसी और अबू सलेम, करीमुल्लाह को उम्रकैद की सजा

1993 मुंबई धमाके : अबु सलेम की सजा पर फैसला आज

खास बातें

  1. ताहिर मर्चेंट और फिरोज को फांसी, अबू सलेम और करीमुल्लाह को उम्रकैद
  2. रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा हुई है
  3. अबू सलेम और करीमुल्लाह पर 2-2 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है
मुंबई:

1993 के मुंबई धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने सजा पर फैसला सुना दिया है. फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान और ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनाई गई है. वहीं अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दोनों पर 2-2 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. रियाज सिद्दकी को 10 साल की सजा हुई है. 12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में ढाई सौ से अधिक लोगों की मौत हुई थी. मामले में कुल 7 आरोपी थे, जिनमें से एक अब्दुल कयूम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था और छह को दोषी पाया था. छह दोषियों में एक मुस्तफा डोसा की मौत हो चुकी है.

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अबू सलेम, रियाज़ सिद्दीक़ी, फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान, ताहिर मर्चेंट और करीमुल्लाह ओसान ख़ान को दोषी करार दिया गया था. एक और दोषी मुस्तफ़ा अहमद डोसा की मौत हो गई जबकि एक आरोपी अब्दुल कयूम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. 


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अबू सलेम को नहीं हो सकती थी फांसी
अबू सलेम यूं तो साजिश की धारा 120बी और हत्या के तहत दोषी पाया गया है. ऐसे में मौत की सजा का प्रावधान है, लेकिन अबू सलेम को पुर्तगाल से सशर्त लाया गया है कि उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती. सीबीआई के विशेष सरकारी वकील दीपक साल्वी ने भी उसके लिए मौत की सजा की मांग ना करते हुए अधिक से अधिक सजा की मांग की थी. वहीं ताहिर मर्चेंट,  करीमुल्लाह खान और फ़िरोज़ अब्दुल राशिद खान ये सभी भी साजिश की धारा 120 बी, टाडा और हत्या के तहत दोषी पाए गए थे.

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क्या है मामला

  • 12 मार्च 1993 को 12 बम धमाके
  • 257 की मौत, 700 से ज़्यादा ज़ख़्मी
  • अबू सलेम, मुस्तफ़ा डोसा समेत 7 आरोपी
  • पुर्तगाल से डिपोर्ट कर लाया गया है सलेम
  • विस्फोटक लाने, साज़िश, मदद का आरोप
  • 100 आरोपी पहले ही दोषी क़रार
  • 100 में से 12 को फांसी की सज़ा
  • याक़ूब मेमन को फांसी हो चुकी है
  • 2012 से चल रहा है केस
  • अब तक 64 नए गवाह पेश हुए
  • कुल गवाहों की संख्या 686
  • दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन समेत 33 अब भी फ़रार

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मुस्तफ़ा अहमद दौसा
(दुबई से भारत डिपोर्ट)

  • बम धमाकों की साज़िश का हिस्सा
  • हथियारों का ज़ख़ीरा भारत भेजा
  • आरोपियों के दुबई भागने का ख़र्च दिया
  • आतंकी ट्रेनिंग के लिए लोगों को पाकिस्तान भेजा
  • बचे विस्फ़ोटकों को नष्ट करने का आदेश दिया

अबू सलेम 
(पुर्तगाल से प्रत्यापित)
  • हथियारों का ज़ख़ीरा लाने भरूच गया
  • संजय दत्त को हथियार दिया
  • बाकी के हथियार छुपा कर रखे
  • पूछताछ में रियाज सिद्दीक़ी, करीम शेख की जानकारी मिली

क्या हुआ था 12 मार्च को
मुंबई में अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके हुए थे. इनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और करीब 700 लोग घायल हुए थे. इस मामले में याकूब मेमन को 2015 में फांसी दी जा चुकी है. अभिनेता संजय दत्त भी ब्लास्ट कांड में जेल की सजा काट चुके हैं. पूरे मामले का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम देश से बाहर है. अबू सलेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया था. पुर्तगाल के साथ हुई संधि में अदालत सलेम को फांसी या आजीवन कारावास की सजा नहीं दे सकती. 



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