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1993 मुंबई बम धमाका : 12 मार्च से लेकर 7 सितंबर तक का सिलसिलेवार ब्योरा...

12 मार्च 1993 से लेकर 7 सितंबर 2017 तक कब क्या हुआ, एक नज़र में पढ़ें...

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1993 मुंबई बम धमाका : 12 मार्च से लेकर 7 सितंबर तक का सिलसिलेवार ब्योरा...

1993 मुंबई बम धमाका : 12 मार्च से लेकर 7 सितंबर तक का सिलसिलेवार ब्योरा... फाइल फोटो

खास बातें

  1. 1993 के मुंबई धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने सजा पर फैसला दिया
  2. मार्च 12, 1993 की दोपहर 1:30 बजे बीएसई बिल्डिंग में हुआ पहला धमाका
  3. आइए जानें इस मामले में शुरू से लेकर अब तक क्या हुआ...
1993 के मुंबई धमाकों के मामले में टाडा कोर्ट ने सजा पर फैसला सुना दिया है. फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान और ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनाई गई है. वहीं अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दोनों पर 2-2 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. रियाज सिद्दकी को 10 साल की सजा हुई है.

पढ़ें- 1993 मुंबई बम धमाका : 257 लोगों की मौत के ये हैं पांच गुनाहगार...

आइए जानें इस मामले में शुरू से लेकर अब तक क्या हुआ...

मार्च 12, 1993: दोपहर 1:30 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 28 माले की बिल्डिंग के बेसमेंट में कार धमाका हुआ था. आसपास के कई ऑफिस डैमेज हुए थे और 50 लोग मारे गए थे. दूसरा ब्लास्ट मांडवी ब्रैंच कॉरपोरेशन बैंक में हुआ. एक घंटे के भीतर ही शहर में 12 बम धमाके हुए थे. ज्यादातर बम स्कूटर और कार में रखे गए थे. 

अप्रैल 19, 1993: बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा. उन्हें AK-56 राइफल, एक 9 mm पिस्टल  और अम्यूनिशन रखने के आरोप में पकड़ा गया. 

अप्रैल 28, 1993: संजय दत्त ने हथियार रखने और बाद में इन्हें नष्ट करने का आरोप स्वीकार कर लिया. 

मई 5, 1993: बॉम्बे हाई कोर्ट ने दत्त को अंतरिम जमानत दी.

नवंबर 4, 1993: 10 हजार से ज्यादा पेज की प्राथमिक चार्जशीट 189 आरोपियों के खिलाफ दायर की गई. 

नवंबर 19, 1993: सीबीआई ने मामले को हाथ में लिया और जांच शुरू की.

अप्रैल 10, 1994: टाडा कोर्ट ने 26 को बरी कर दिया जबकि बाकी बचे 163 के खिलाफ चार्ज तय किए गए. 

अप्रैल 19, 1994: ट्रायल शुरू हुआ.

जून 30, 1994: मोहम्मद जमील और उस्मान नामक आरोपी अप्रूवर बन गए. 

जुलाई 4, 1994: ट्रायल कोर्ट ने संजय दत्त की बेल रद्द की और अरेस्ट किया.  

अक्टूबर 14, 1994:  सुप्रीम कोर्ट ने दत्त को बेल दे दी.

नवंबर 20, 1994: दत्त ने अपना कन्फेशन वापस ले लिया.

मार्च 9, 2001: आरोपियों ने बयान दर्ज करवाए. 

अगस्त 9, 2001: मामले पर अभियोजन पक्ष ने दलील शुरू की.  

अक्टूबर 18, 2001: अभियोजन पक्ष की दलीलें समाप्त हुईं.

नवंबर 9, 2001: बचाव पक्ष ने दलील शुरू की.

अगस्त 22, 2002: बचाव पक्ष ने इस मामले पर अपनी दलीलें समाप्त कीं. 

नवंबर 2006: आर्म्स ऐक्ट के तहत दत्त दोषी ठहराया गया और टाडा में वह बरी हो गया था.

जुलाई 31, 2007: टाडा कोर्ट ने 6 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई.

अगस्त 20, 2007: दत्त ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई.

नवंबर 1, 2011: सुप्रीम कोर्ट ने दत्त और 100 अन्य की याचिका  पर सुनवाई शुरू की.

अगस्त 29, 2012: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा. 

मार्च 21, 2013: सुप्रीम कोर्ट ने याकूब  मेमन की  मौत की सजा कायम रखी. 10 दोषियों की मौत की सजा उम्रकैद में बदली और 18 में से 16 की उम्रकैद भी बरकरार रखी. संजय दत्त को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई और उन्हें चार हफ्तों के भीतर सरेंडर करने को कहा गया.

अक्टूबर 2013: संजत दत्त को 14 दिनों की परोल मिली जोकि बाद में उन्होंने 14 दिन और एक्सटेंड करवा ली थी.

दिसंबर 2013: संजय दत्त को 28 दिनों की परोल दी गई. उनकी पत्नी मान्यता के बीमार होने के कारण उन्हें परोल दी गई.

जुलाई 21, 2015: सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन की पिटीशन रिजेक्ट की.

जुलाई 30, 2015:  याकूब की फांसी से कुछ घंटे पहले उसके वकील फांसी की सजा में 14 दिन का स्टे मांगने पहुंचे थे जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया. याकूब मेमन को नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी पर लटकाया गया.

अगस्त 2015:  बेटी की नाक की सर्जरी के लिए 30 दिनों का परोल मिला. 

फरवरी 25, 2016: संजय दत्त पुणे की यरवदा जेल से छूटकर बाहर निकले. 

मई 29, 2017:  टाडा कोर्ट ने अबू सलमे समेत छह अन्य के आरोपों पर फैसले लिए 16 जून का दिन मुकर्रर किया.

जून 16, 2017:  टाडा कोर्ट ने अबू सलेम, रियाज़ सिद्दीक़ी, फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान, ताहिर मर्चेंट और करीमुल्लाह ओसान ख़ान को दोषी करार दिया गया था. एक और दोषी मुस्तफ़ा अहमद डोसा की मौत हो गई जबकि एक आरोपी अब्दुल कयूम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. 

सितंबर 7, 2017: फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान और ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनाई गई है. वहीं अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दोनों पर 2-2 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. रियाज सिद्दकी को 10 साल की सजा हुई है.

VIDEO : 1993 में मुंबई धमाकों में सजा के ऐलान पर देखिए खास रिपोर्ट...
इनपुट : एजेंसियां


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