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लोकसभा चुनाव 2019: बिहार NDA में अब भी फंसा है सीटों का पेंच, नीतीश कुमार ने अमित शाह से की 17 सीटों की मांग

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बिहार में एनडीए के घटक दलों में अभी भी सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है.

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लोकसभा चुनाव 2019: बिहार NDA में अब भी फंसा है सीटों का पेंच, नीतीश कुमार ने अमित शाह से की 17 सीटों की मांग

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर नीतीश और अमित शाह के बीच बैठक

खास बातें

  1. नीतीश कुमार और अमित शाह के बीच बैठक.
  2. नीतीश कुमार ने 17 सीटों की मांग की.
  3. लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सीटों पर माथापच्ची जारी है.
नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha election 2019) के लिए बिहार में एनडीए (NDA) के घटक दलों में अभी भी सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच सीट बंटवारे को लेकर बैठक हुई. जदयू के मुखिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में अमित शाह से जेडीयू के लिए 17 सीटों की मांग की. हालांकि, अभी तक यह तय नहीं है कि अमित शाह ने नीतीश कुमार की मांग पर हामी भरी है या नहीं.  बता दें कि बीते दिनों बिहार एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी ने जो फॉर्मूला दिया था, उसके मुताबिक, जेडीयू के लिए 12 सीटें बिहार में और एक-एक सीट झारखंड और यूपी में देने की बात है. लोकसभा चुनाव 2014 में जेडीयू ने जहां दो सीटें जीतीं थीं, वहीं और बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 

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हालांकि, भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि सभी सहयोगी दलों के साथ बातचीत के बाद सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेगी. संभव है कि शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहयोगी दलों के साथ बैठक भी करेंगे, जिसमें सीट बंटवारे को लेकर चर्चा होगी. बताया जा रहा है कि इस बैठक में लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान, सांसद चिराग पासवान, रोलासपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हो सकते हैं. 

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बीते दिनों जदयू की कार्यकारिणी की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा था कि 2019 लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर 'सम्‍मनजनक समझौता' हो चुका है और अब केवल उसकी औपचारिक घोषणा होना ही बाकी है. हालांकि, इससे पहले बीजेपी के फॉर्मूले पर नीतीश कुमार की पार्टी जदयू अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी है. 

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गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को बिहार की 40 में से 22 सीटें मिलीं थीं, जबकि सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को क्रमश: छह और तीन सीटें मिलीं थीं. तब जेडीयू को केवल दो सीटें ही मिलीं थीं. वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में बिहार की 243 सीटों में से जेडीयू को 71 सीटें मिलीं थीं. तब भाजपा को 53 और लोजपा एवं रालोसपा को क्रमश: दो-दो सीटें मिलीं थीं. उस चुनाव में जेडीयू, राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) तथा कांग्रेस का महागठबंधन था.

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