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GST काउंसिल की 31वीं बैठक पूूरी हुई, कई सामान हुए सस्ते, 28 आयटम्स पर ही लागू होगा 28 प्रतिशत स्लैब

अब 28 प्रतिशत की कर दर वाहनों के कल-पुर्जों और सीमेंट के अलावा केवल विलासिता के सामान और अहितकर वस्तुओं पर ही रह गया.

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नई दिल्ली:

जीएसटी परिषद ने शनिवार को आम लोगों को राहत देते हुए टीवी स्क्रीन, सिनेमा के टिकट और पावर बैंक सहित विभिन्न प्रकार की 23 वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कमी की घोषणा की. कर दर में संशोधन का यह निर्णय आगामी नव-वर्ष के दिन से प्रभावी होगा. परिषद की 31वीं बैठक के बाद यहां वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन फैसलों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम करने से सालाना राजस्व में 5,500 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा. परिषद ने जीएसटी की 28 प्रतिशत की सर्वोच्च कर के दायरे में आने वाली वस्तुओं में से सात को निम्न दर वाले स्लैब में डाल दिया है. इसके साथ ही 28 प्रतिशत के स्लैब में अब केवल 28 वस्तुएं बची हैं. जेटली ने कहा, ‘‘जीएसटी की दरों को तर्कसंगत बनाना एक सतत प्रक्रिया है.'' उन्होंने कहा, “28 प्रतिशत की दर का धीरे-धीरे पटाक्षेप हो जाएगा... अगला लक्ष्य परिस्थिति अनुकूल होने के साथ सीमेंट पर जीएसटी में कमी करना है.”

अब 28 प्रतिशत की कर दर वाहनों के कल-पुर्जों और सीमेंट के अलावा केवल विलासिता के सामान और अहितकर वस्तुओं पर ही रह गया. वित्त मंत्री ने बताया कि सिनेमा के 100 रुपये तक के टिकटों पर अब 18 प्रतिशत की बजाय 12 प्रतिशत की दर से और 100 रुपये से ऊपर के टिकट पर 28 प्रतिशत की बजाय 18 फीसदी की जीएसटी लगेगा. इसी तरह 32 इंच तक के मॉनिटर और टीवी स्क्रीन पर अब 28 प्रतिशत की बजाय 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. वस्तुओं पर जीएसटी की संशोधित दरें एक जनवरी, 2019 से लागू होगी.


 

31st GST Council meeting 

- धार्मिक हवाई सेवाओं पर अब सिर्फ़ 5 फ़ीसदी #GST लगेगा: वित्त मंत्री
100 रुपये से महंगे सिनेमा टिकट पर #GST घटाकर 18 फ़ीसदी किया गया: वित्त मंत्री 

टीवी, टायर, पावर बैंक, वीडियो गेम्स पर अब 28 की जगह 18 फ़ीसदी लगेगा #GST: वित्त मंत्री 
 

-वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सौ  रुपये तक के टिकट पर 12 प्रतिशत जीएसटी कम हुआ है और इससे ऊपर के टिकट पर 28 प्रतिशत से जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है.

 

-वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सीमेंट और ऑटो पार्ट्स पर से जीएसटी नहीं कम किया गया है. 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि टीवी, मॉनीटर, टायर्स, पॉवर बैंक, बैटरी आदि पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया.

 

-32 इंच की टीवी भी सस्ती होगी

-हवाई टिकट भी सस्ता

-पुडूचेरी के सीएम वी. नारायणसामी का बयान- GST की बैठक में 33 चीजों के दाम 18 फीसदी से 12 और 5 फीसदी के स्लैब में किए गए.

 

यह भी बताया जा रहा है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद वाहनों के टायरों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर सकती है. यह कदम सबसे ऊंचे 28 प्रतिशत के कर स्लैब को तर्कसंगत बनाने के लिए उठाया जा सकता है.

 

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22 दिसंबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्य ध्यान आम आदमी पर जीएसटी का बोझ कम करने पर होगा.' फिलहाल 28 प्रतिशत के ऊंचे कर स्लैब में 34 वस्तुएं हैं. इनमें वाहन टायर, डिजिटल कैमरा, एयर कंडीशनर, डिश वॉशिंग मशीन, सेट टॉपबॉक्स, मॉनिटर और प्रोजेक्टर के अलावा कुछ निर्माण उत्पाद मसलन सीमेंट शामिल हैं. एक अधिकारी ने कहा कि सीमेंट पर कर की दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने से सरकार पर करीब 20,000 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा, इसके बावजूद परिषद यह कदम उठा सकती है। जो उत्पाद 28 प्रतिशत कर स्लैब में कायम रखे जाएंगे उनमें शीतल पेय, सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, धूम्रपान पाइप, वाहन, विमान, याट, रिवाल्वर और पिस्तौल तथा गैंबलिंग लॉटरी शामिल हैं. जीएसटी के पांच कर स्लैब शून्य, 8, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 'आज, जीएसटी व्यवस्था काफी हद तक स्थापित हो चुकी है और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं जहां 99 प्रतिशत चीजें जीएसटी के 18 प्रतिशत कर स्लैब में आयें." उन्होंने संकेत दिया कि जीएसटी का 28 प्रतिशत कर स्लैब केवल लक्जरी उत्पादों जैसी चुनिंदा वस्तुओं के लिये होगा. मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी के उपयोग वाली सभी वस्तुओं समेत 99 प्रतिशत उत्पादों को जीएसटी के 18 प्रतिशत या उससे कम कर स्लैब में रखा जाये



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