GDP दर में गिरावट को लेकर पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, 5% का इशारा किया और फिर CBI...

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने जीडीपी (GDP) में गिरावट के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Govt) पर निशाना साधा.

GDP दर में गिरावट को लेकर पी चिदंबरम का मोदी सरकार पर निशाना, 5% का इशारा किया और फिर CBI...

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं.

खास बातें

  • चिदंबरम ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
  • CBI हिरासत में हैं पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम
  • देश की जीडीपी दर बीते छह साल में सबसे कम
नई दिल्ली:

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने जीडीपी (GDP) में गिरावट के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Govt) पर निशाना साधा. बता दें कि देश का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी (GDP) वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में धीमी पड़कर 5 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंच गई. जो 6 साल में इसका सबसे निचला स्‍तर है. कोर्ट रूम से पी चिदंबरम (P Chidambaram) के बाहर निकलने पर जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि उन्हें अपनी सीबीआई हिरासत के बारे में क्या कहना है तो पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'पांच फीसदी. क्या आप जानते हैं पांच फीसदी क्या है?' उन्होंने पांचों अंगुलियां दिखाने के लिए अपना हाथ भी उठाया. तभी सीबीआई उन्हें हिरासत में ले लिया. कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से इसका वीडियो भी शेयर किया है.

GDP दर पहली तिमाही में 5.8 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर पहुंची, 6 वर्षों में सबसे निचला स्‍तर

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने भी देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है, लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है.

बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 2.1 प्रतिशत पर पहुंची

उधर, कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादन घटने से आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में गिरकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है. सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. जुलाई, 2018 में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मुख्य रूप से कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन घटने से बुनियादी उद्योगों की वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है. इस दौरान इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में वृद्धि भी धीमी रही. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में आठ बुनियादी उद्योगों का भारांश 40.27 प्रतिशत है. आठ बुनियादी उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली आते हैं.

देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की आईएनएक्स मीडिया (INX Media Case) मामले में सुप्रीम कोर्ट अब गुरुवार को सुनवाई करेगी. तब तक यथास्थिति बरकरार रहेगी. फिलहाल पी चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में गुरुवार यानी 5 सितंबर तक रहेंगे. कोर्ट में सीबीआई की ओर से बहस कर रहे SG तुषार मेहता ने कहा कि पी चिदंबरम जेल नहीं जाना चाहते, लेकिन कानून अपना काम करेगा.'' आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम की अंतरिम जमानत पर मेहता ने आगे कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. इस पर चिदंबरम की तरफ से कोर्ट में बहस कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा, 'अगर ऐसा होता तो कोर्ट इसे खारिज कर देता.'

CBI की हिरासत में रहेंगे पी चिदंबरम, नहीं जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट अब गुरुवार को करेगी सुनवाई

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO: GDP में गिरावट क्या महामंदी की आहट?

(इनपुट: भाषा से भी)