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सुंजवान आतंकी हमला: 5 जवान शहीद और एक नागरिक की मौत, उरी के बाद सैन्‍य शिविर पर बड़ा हमला

शनिवार रात से आतंकियों की तरफ से फायरिंग नहीं हुई है. सेना एक-एक फ्लैट की तलाशी ले रहीं है और अभी ऑपेरशन खत्म नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि अभी एक या दो आतंकी छुपे हो सकते हैं. वर्ष 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है. 

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सुंजवान आतंकी हमला: 5 जवान शहीद और एक नागरिक की मौत, उरी के बाद सैन्‍य शिविर पर बड़ा हमला

सुंजवान में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमलेे में पांच जवान समेत एक नागरिक की मौत

खास बातें

  1. आतंकी हमले में सेना के 5 जवान शहीद हो गए हैं
  2. सुरक्षाबलों ने तीन जैश के आतंकी मारे गिराए हैं
  3. शनिवार रात से आतंकियों की तरफ से फायरिंग नहीं हुई है.
जम्‍मू : जम्मू के एक सैन्य शिविर पर हमला करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के खिलाफ अभियान आज दूसरे दिन भी जारी है. इस आतंकी हमले में सेना के 5 जवान शहीद हो गए हैं जिसमें दो जेसीओ, तीन जवान और एक जवान के परिवार के सदस्‍य की भी मौत हो गई है. सुरक्षाबलों ने चार जैश के आतंकी मारे गिराए हैं. इसमें दो आतंकियों को शनिवार को मार गिराया था और दो आतंकियों को आज ढेर किया है. शनिवार रात से आतंकियों की तरफ से फायरिंग नहीं हुई है. सेना एक-एक फ्लैट की तलाशी ले रहीं है और अभी ऑपेरशन खत्म नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि अभी एक या दो आतंकी छुपे हो सकते हैं. वर्ष 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है. 

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आपको बता दे कि शनिवार को जैश-ए-मोहम्मद के भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर लाइट इंफैंट्री की 36 ब्रिगेड के शिविर पर तड़के हमला कर दिया था, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में एक जूनियर कमिशंड अधिकारी समेत सेना के दो जवान शहीद हो गए थे.

दो आतंकवादियों को भी मार गिराया गया जबकि दिन भर चले अभियान में एक मेजर, तीन कर्मी और पांच महिलाओं एवं बच्चों समेत नौ लोग घायल हो गए थे. जम्मू में सेना के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, ‘‘अभियान चल रहा है और क्वार्टरों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.’’ उन्होंने बताया कि कई परिवार अब भी वहां हैं और सेना का मकसद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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अधिकारी ने कहा, ‘‘गत रात से कोई गोलीबारी नहीं हुई.’’ उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से सिर्फ दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए हैं. जम्मू क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले ऐसा ही हमला हुआ था. 29 नवंबर 2016 को आतंकवादी जम्मू शहर में नगरोटा सैन्य शिविर में घुसे थे जिसमें दो अधिकारी समेत सात सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे. इसमें तीन आतंकवादी भी मारे गए थे.

आतंकवादी शनिवार भोर होने से पहले शिविर में घुसे और संतरी से संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद वह पीछे की ओर से शिविर के भीतर घुसे. अधिकारी ने कहा, ‘‘आतंकवादी आवासीय परिसर में घुसे जिसके बाद त्वरित कार्रवाई दलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और शिविर के भीतर कुछ घरों में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया.’’ 

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शिविर के सामने जम्मू-लखनपुर बाइपास पर वाहनों की आवाजाही जारी है जबकि बुलेट प्रूफ वाहनों में सवार सैन्य कर्मी शिविर के पीछे की ओर आवासीय परिसर से लोगों को निकालने के अभियान में जुटे हैं.

सीआरपीएफ और पुलिस के दल शिविर की दीवार के बाहर तैनात हैं और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए हैं. जम्मू में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और शहर में तथा आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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खुफिया एजेंसियों ने अफजल गुरू की बरसी के मद्देनजर जैश-ए-मोहम्मद द्वारा सेना या सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले की चेतावनी दी थी. अफजल गुरू को नौ फरवरी 2013 को फांसी दी गई थी. 

 


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