7वां वेतन आयोग : अगस्‍त की सैलरी के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों को मिल जाएगा पूरा एरियर

7वां वेतन आयोग : अगस्‍त की सैलरी के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों को मिल जाएगा पूरा एरियर

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

खास बातें

  • 27 जुलाई को सरकार ने जारी किया था गजट नोटिफिकेशन
  • 1 जनवरी 2016 से लागू होंगी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें
  • प्रमोशन और इंक्रीमेंट के नए नियमों को नाराज हैं कर्मचारी
नई दिल्‍ली:

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से संबंधित गजट नोटिफिकेशन सरकार ने 27 जुलाई को जारी कर दिया था। अभी तक यही कहा जा रहा था कि कर्मचारियों के एरियर का भुगतान इस वित्त वर्ष के दौरान कर दिया जाएगा, यानी की मार्च 2017 तक। लेकिन अब सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई कि उनका पूरा ऐरियर एक ही किश्‍त में मिल जाएगा। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2016 से लागू किया जा रहा है और सभी कर्मचारियों को अगस्‍त महीने के वेतन के साथ ही उनका पूरा ऐरियर भी मिल जाएगा।

सरकार पहले ही 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अधिसूचित कर चुकी है। इसके मुताबिक सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 2.57 गुना वृद्धि होगी। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की कुल संख्या करीब एक करोड़ है। वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2016 से अमल में आयेंगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि एक जनवरी 2016 से दिये जाने वाले नये वेतन ढांचे में 125 प्रतिशत का महंगाई भत्ता शामिल होगा। यह महंगाई भत्ता पुराने वेतन का हिस्सा है। नये वेतनमानों के साथ महंगाई भत्ते की पहली किस्त के बारे में घोषणा बाद में की जायेगी।

वित्त मंत्रालय के वक्तव्य में कहा गया है कि जीपीएफ और एनपीएस के मद में जरूरी समायोजन करते हुये एक जनवरी 2016 से लेकर अब तक के बकाये वेतन का भुगतान अगस्त के वेतन के साथ एकमुश्त नकद कर दिया जायेगा।

हरियाणा सरकार लागू करेगी सातवां वेतन आयोग
इस बीच, हरियाणा सरकार ने कहा है कि वह केन्द्र सरकार की तर्ज पर ही 7वें वेतन आयोग को राज्य में लागू करेगी। राज्य के वित्त मंत्री अभिमन्यु सिंह ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति माधवन समिति की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है। राज्य कर्मचारियों के व्यापक हित में इसे भी अमल में लाया जायेगा।

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केन्द्र सरकार में एक जनवरी 2016 से न्यूनतम वेतन पहले के 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये मासिक होगा। जबकि कैबिनेट सचिव के स्तर पर यह 90,000 रुपये से बढ़कर 2.5 लाख रुपये मासिक होगा। नई व्यवस्था के मुताबिक वेतन वृद्धि के लिये वर्ष में दो दिन तय किये गये हैं। एक जनवरी और एक जुलाई दो दिन सालाना इंक्रीमेंट के लिये तय किये गये हैं। वर्तमान में केवल एक जुलाई ही इसके लिये तय था।

वित्त मंत्रालय के निर्देश के अनुसार एरियर के भुगतान से पहले आयकर भी काटा जायेगा। जनवरी से लेकर जुलाई-2016 तक के बकाये का भुगतान एकमुश्त करने के लिये निर्देश में कहा गया है कि एरियर का भुगतान कर्मचारी का वेतन तय होने से पहले ही बिना जांच के किया जायेगा। हालांकि, ऐसे कर्मचारी जो सेवानिवृत हो चुके हैं, जिन्होंने इस्तीफा दिया है अथवा जिन्हें नौकरी से हटाया गया है उनके मामले में वेतन तय हुये बिना, बिना पूर्व जांच के एरियर का भुगतान नहीं किया जायेगा।

एरियर का भुगतान करते समय कर्मचारियों से लिखित में यह भी वचन लिया जायेगा कि बाद में विसंगति सामने आने के बाद यदि एरियर के तौर पर अधिक भुगतान किया पाया जाता है तो उसकी वसूली की जायेगी।

वित्त मंत्रालय के निर्देश के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों के बारे में (महंगाई भत्ते को छोड़कर) उनकी नई दर और लागू होने की तिथि के बारे में अधिसूचना बाद में जारी की जायेगी। नई तिथि और दर तय होने तक सभी पुराने भत्तों को मौजूदा दरों पर ही भुगतान होता रहेगा।

27 को जारी हुआ था गजट नोटिफिकेशन
इससे पहले 27 जुलाई को सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। जहां कुछ मुद्दों पर सरकार कर्मचारियों के विरोध के बाद बातचीत के लिए तैयार हो गई और समितियों का गठन किया गया है।

प्रमोशन के नए नियमों को लेकर हुआ विवाद
वेतन आयोग की सिफारिशों में एक और मुद्दा ऐसा है कि जिस पर कर्मचारियों खास तौर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आई है वह है एमएसीपी। एमएसीपी यानी मोडीफाइड एर्श्‍योड करियर प्रोगेशन। इसके तहत ऐसे केंद्रीय कर्मचारियों का वार्षिक अप्रेजल या इंक्रीमेंट नहीं होगा, जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा।

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वित्‍त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्‍वयन संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों के प्रमोशन और वार्षिक इंक्रीमेंट के संबंधित बेंचमार्क का नया स्‍तर अब 'अच्‍छा' से 'बहुत अच्‍छा' किया गया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्‍योड करियर प्रोगेशन (एमएसीपी) स्‍कीम को जारी रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्‍वीकार' कर लिया गया है।

(साथ में इनपुट भाषा से)