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मोदी सरकार भी न रोक पाई रेल हादसों को, हो चुकीं है अब तक ये 8 दुर्घटनाएं

रेलवे में सुरक्षा को लेकर लाख दावों के बावजूद भी मोदी सरकार इन ऐसे हादसों को रोक न सकी है.

मोदी सरकार भी न रोक पाई रेल हादसों को, हो चुकीं है अब तक ये 8 दुर्घटनाएं

हरिद्वार से पुरी के बीच चलने वाली कलिंग-उत्‍कल एक्‍सप्रेस दुर्घटनाग्रस्‍त

खास बातें

  • क्यों नहीं रुक रही हैं ट्रेन दुर्घटनाएं
  • सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल
  • तीन सालों में हो चुकी हैं 8 बड़ी दुर्घटनाएं
नई दिल्ली:

हरिद्वार से पुरी के बीच चलने वाली कलिंग-उत्‍कल एक्‍सप्रेसदुर्घटनाग्रस्‍त में अब तक 23 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि 72 अन्‍य घायल हो गए. हादसा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली के पास हुआ है. बताया जा रहा है कि ट्रैक मरम्मत का काम चल रहा था जिसके ऊपर से ट्रेन गुजरी और 14 बोगियां पटरी से उतर गईं. एक बोगी तो एक घर में जा घुसी है. जिससे उस घर के लोग भी घायल  हुए हैं. वही केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद से यह 8 वां बड़ा ट्रेन हादसा है. इस दुर्घटना के साथ ही रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. 

1- मुजफ्फनगर में ट्रेन पटरी से उतरी : खतौली के पास हुई दुर्घटना में अब तक 23 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि 72 यात्री घायल हैं. पहले इस घटना के पीछे आतंकी साजिश की आशंका जताई जा रही थी. लेकिन चश्मदीदों के मुताबिक यह रेलवे विभाग की लापरवाही का नतीजा है. फिलहाल इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ साफ तौर पर कहा जा सकेगा.

2- पुखरायां के पास हुई दुर्घटना : पिछले साल 20 नवंबर को कानपुर के पास पुखरायां में रेल हादसा हुआ था जिसमें 150 लोगों की मौत हो गई थी और 200 घायल हुए थे.

3- भदोही ट्रेन दुर्घटना : पिछले साल 25 जुलाई को भदोही में मडुआडीह-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन से एक स्कूल वैन टकरा गई थी जिसमें 7 बच्चों की जान चली गई थी.

4- बछरावां रेल हादसा : 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इस दुर्घटना में 34 लोग मारे गए थे.  यह घटना बछरावां रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूर पर हुआ थी.

5- मुरी एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार : साल 2015 में कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास मुरी एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार हो गई थी. इसमें 25 यात्री मारे गए थे और 300 घायल हो गए थे. 

6- 10 मिनट के अंदर दो हादसे : साल 2015 में मध्य प्रदेश के हरदा के पास 10 मिनट के अंदर दो ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त हो गईं. इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर  मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस और पटना-मुंबई जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गईं. पटरी धंसने से यह हादसा हुआ था. इस  दुर्घटना में 31 मौतें हुई थीं.
 
7- गोरखधाम एक्सप्रेस भी हुई हादसे का शिकार : 26 मई 2014 को संत कबीर नगर के चुरेन रेलवे स्टेशन के पास गोरखधाम एक्सप्रेस और मालगाड़ी में भिड़ंत हुई थी. इस दुर्घटना में 22 लोगों की मौत हुई थी.

8- रायगढ़ में पटरी से उतरीं बोगियां : 2014 में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में ट्रेन का इंजन और 6 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी और 124 घायल हो गए थे.