"एक पिता को उसकी बेटी का अंतिम संस्कार भी नहीं करने दिया...." हाथरस पर प्रियंका गांधी ने NDTV से कहा

"ऐसा अन्याय हमने देखा नहीं है कि जो हिंदू धर्म के रखवाले अपने आप को कहते हैं. जो सरकार हर छोटी चीज पर धर्म का नाम लेती है. "

नई दिल्ली:

Priyanka Gandhi Vadra on Hathras :  उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवती के साथ सामूहिक रेप और हत्या पर कहा कि उन्होंने कभी इस तरह का अन्याय नहीं देखा है. देर रात को पुलिस ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया वो भी उसके परिवार को दूर करके. प्रियंका गांधी वाड्रा ने NDTV को बताया कि उन्होंने और उनके भाई राहुल गांधी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे पर हाथरस जाने के लिए मार्च किया था. लेकिन उन्हें रोक दिया गया.

कांग्रेस नेता ने कहा, "हमारे खिलाफ जो भी कार्रवाई करें, करने दें. लेकिन इनका व्यवहार जो पीड़िता के परिवार के साथ रहा है वो शर्मनाक है. और ऐसा अन्याय हमने देखा नहीं है कि जो हिंदू धर्म के रखवाले अपने आप को कहते हैं. जो सरकार हर छोटी चीज पर धर्म का नाम लेती है. उस सरकार ने एक पिता को अपनी बेटी की चिता को जलाने नहीं दिया. ये अन्याय है और ये व्यवहार है उनका उत्तर प्रदेश के वासियों के साथ. "

उन्होंने कहा, "मैंने ऐसा अन्याय कहीं नहीं देखा" कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "जब ऐसी घटनाएं होती है तो सरकार की जिम्मेदारी होती है वो पीड़िता को उसके परिवार को पूरी तरह से सहायता दे. उनके लिए न्याया दिलवाएं, लेकिन यूपी सरकार ने एकदम इसके विपरीत किया है."

यूपी पुलिस ने राहुल-प्रियंका को हाथरस जाने से रोका, धक्का मुक्की के दौरान गिरे राहुल गांधी

बता दें कि सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए यूपी के हाथरस जाते समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था.

इस अपराध को लेकर देशभर में आक्रोश भड़क गया. 20 साल की युवती की मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई. ऐसा बताया जा रहा है कि14 सितंबर उसके गांव के उच्च जाति 4  पुरुषों द्वारा उस पर हमला किया गया था, उसे कई फ्रैक्चर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी. पुलिस ने कहा कि उसकी जीभ में एक जख्म था क्योंकि उसने उसे काट लिया था जब पुरुष उसका गला घोंटने की कोशिश कर रहे थे. 

इसके बाद यूपी पुलिस ने परिवार के दर्द को और अधिक उस वक्त बढ़ा दिया जब इस युवती के शव  को उसके गांव ले जाया गया और शव का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया, इस दौरान पीड़िता के परिवार को घर में ताला लगा दिया.

भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी के हाथरस आने का प्रयास एक "फोटो सेशन" था. मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा. "राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड है. जब भी वह विदेश से लौटते हैं, फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहते हैं. आज एक्सप्रेसवे पर उनका मार्च भी एक फोटो-सेशन था. न तो राहुल गांधी और न ही प्रियंका गांधी वाड्रा उनके विरोध में ईमानदार हैं."

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प्रियंका गांधी ने कहा,'हमने ऐसा अन्याय कभी नहीं देखा था'