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आधार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : UIDAI के सीईओ ने कहा, '7 साल से एक भी डेटा लीक का मामला नहीं'

UIDAI के CEO ने कहा कि 'डेटा सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास हो रहे हैं. डेटा शेयरिंग नहीं हो सकती. ब्यौरा इकट्ठा करने के लिए UIDAI ही सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध कराता है.'

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आधार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : UIDAI के सीईओ ने कहा, '7 साल से एक भी डेटा लीक का मामला नहीं'

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

नई दिल्‍ली:

आधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन हुआ. प्रेजेंटेशन के दौरान UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा कि पिछले सात साल में एक भी डेटा लीक का मामला नहीं हुआ. सुरक्षा के मामले में कभी आखिरी शब्द नहीं होता, इसमें सुधार हो रहा है.' उन्‍होंने कहा कि UIDAI डेटा प्रोटेक्शन के संबंध में श्रीकृष्णा पैनल की मदद ले रहा है ताकि कड़ा डेटा प्रोटेक्शन कानून बनाया जा सके. पांडेय ने बताया कि ZDNet वेबसाइट की खबर को चेक किया गया- इस मामले में LPG और तेल कंपनियों के पास आधार नंबर हैं और वो सुविधा दे रहे हैं. कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ है.

इस पर जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 'सिर्फ आपकी तरफ से डेटा को सुरक्षित करना काफी नहीं है. इसकी क्या गारंटी है कि प्रमाणीकरण के वक्त डेटा लीक नहीं होगा. जब तक डेटा प्रोटेक्शन को लेकर ठोस कानून नहीं होगा डेटा लीक को रोकना संभव नहीं होगा. क्या ये संभावना है कि प्रमाणीकरण के वक्त निजी कंपनियां डेटा को किसी के साथ साझा कर लें?


इस पर UIDAI के CEO ने कहा कि 'डेटा सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास हो रहे हैं. डेटा शेयरिंग नहीं हो सकती. ब्यौरा इकट्ठा करने के लिए UIDAI ही सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध कराता है. जैसे ही डेटा सेव होता है ये एंक्रिप्ट हो जाता है और हमारे पास आता है. इस वक्त आधार प्रमाणीकरण के लिए 27 निजी कंपनियां काम कर रही हैं.' इसके साथ ही CEO का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पूरा हो गया.

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मामले में अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी. आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई में UIDAI सीईओ अजय भूषण ने आधार को सुप्रीम कोर्ट में संविधान पीठ में सुरक्षित बताया था. आधार पर UIDAI सीईओ अजय भूषण ने करीब 80 मिनट तक सुप्रीम कोर्ट में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन देते हुए कहा आधार का सारा बॉयोमैट्रिक डेटा 2048 bit एनक्रिप्शन से सुरक्षित है. इस तरह के अभ्यास का प्रयास इंसान द्वारा कहीं भी नहीं किया गया है. एक एनक्रिप्शन की को तोड़ने के लिए ब्रम्हांड की उम्र लग जाएगी. एक आधार कार्ड का खर्च एक डॉलर से भी कम है. आधार प्रोजेक्ट पर सरकार ने नौ हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. बायोमि‍ट्रिक सॉफ्टवेयर बाहर से मंगाया गया है लेकिन डेटा कंट्रोल हमारे पास है. आधार के सर्वर इंटरनेट से जुड़े नहीं हैं.

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