महाराष्ट्र में 31 मई के बाद चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खोलने पर हो रहा विचार : NDTV से बोले आदित्य ठाकरे

हमारे जैसे देश में आप जितना भी करते हैं वो काफी नहीं होता. सभी जितना कर सकते हैं कर रहे हैं. यह कब तक जारी रहेगा? कौन जानता है. हमने धीरे-धीरे राज्य में लॉकडाउन किया. जब हम इसे हटाने की बात करते हैं तो इसे एक झटके में हटा देना सही नहीं होगा.

नई दिल्ली:

महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने NDTV से कोरोनोवायरस महामारी पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर बात की. आदित्य ठाकरे का यह इंटरव्यू ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में एक ही दिन में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा 3041 मामले दर्ज किए गए. बता दें कि महाराष्ट्र देश में कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है और यहां संक्रमितों की संख्या 50000 से ज्यादा हो चुकी है.

NDTV से बातचीत में आदित्य ठाकरे ने कहा, 'महाराष्ट्र आंकड़ों को छिपा नहीं रहा है, वह आंकड़ों से नहीं डरता है. मैंने अधिकारियों से मामलों का पता लगाने को कहा है, चाहे वो चॉल में हों या ऊंची इमारतों में. हम आंकड़ों से न ही इनकार कर सकते हैं और न डरते हैं. हम केवल नागरिकों की रक्षा कर सकते हैं यदि हम मामलों की पहचान कर लेते  हैं.

हमारे जैसे देश में आप जितना भी करते हैं वो काफी नहीं होता. सभी जितना कर सकते हैं कर रहे हैं. यह कब तक जारी रहेगा? कौन जानता है. हमने धीरे-धीरे राज्य में लॉकडाउन किया. जब हम इसे हटाने की बात करते हैं तो इसे एक झटके में हटा देना सही नहीं होगा. हमें ऐसे मामलों के लिए जिनमें लक्षण नहीं नजर आ रहे, एक मेडिकल बफर बनाना होगा क्योंकि कोरोना जल्द दूर नहीं होगा.

आदित्य ठाकरे ने कहा, 'केरल में एक बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली है. हम बिना फ्रंटियर के डॉक्टरों से बात कर रहे हैं, जिसमें न्यूजीलैंड के डॉक्टर भी शामिल हैं जिन्होंने कोरोनावायरस को नियंत्रित करने में मदद की है.

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उन्होंने कहा, 'हमने स्पीड ब्रेकर लगाया है. समय के साथ, उपचार के तौर-तरीके विकसित हुए हैं. ईमानदार से कहूं तो जब हम प्रत्येक मामले की पहचान करेंगे, तभी इसके चक्र को तोड़ पाएंगे. मेरा निर्वाचन क्षेत्र मुंबई में सबसे अधिक मामले थे. हमने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और चलो मामलों की पहचान करते हैं. अब मेरे वार्ड में मामलों के दोगुना होने की दर 21 दिन है. इसलिए हमें हर मामले का पता लगाना होगा.'

आदित्य ठाकरे ने कहा, 'ट्रेनें कम संख्या में चल रही हैं. हवाई अड्डों से कहा गया है कि प्रतिदिन 20000 यात्रियों के लिए तैयार रहें. वहीं ट्रेनों में 1200 लोग यात्रा कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि जो लोग चले गए हैं वो वापस लौटें, लेकिन इसके लिए और योजना की जरूरत है. जबकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं, हम सड़क पर 20000 लोगों को आने नहीं दे सकते. हम चाहते हैं कि लोकल ट्रेन शुरू हो और एयरपोर्ट पर बसें भी तैनात रहें. कुछ ही घंटों में हवाई अड्डे से आने-जाने को लेकर अधिक स्पष्टता से जानकारी मिलेगी. हम 31 मई के बाद चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खोलने पर विचार कर रहे हैं.'