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आम आदमी पार्टी को झटका, पत्रकारिता से राजनीति में आए आशुतोष ने दिया पार्टी से इस्तीफा, यह है वजह

आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि आशुतोष ने निजी वजहों से इस्तीफा दिया है. 

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आम आदमी पार्टी को झटका, पत्रकारिता से राजनीति में आए आशुतोष ने दिया पार्टी से इस्तीफा, यह है वजह

खास बातें

  1. आशुतोष ने छोड़ा आम आदमी पार्टी का साथ.
  2. आशुतोष ने निजी वजहों का हवाला दिया.
  3. पत्रकारिता से राजनीति में गये थे आशुतोष.
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, आशुतोष ने इसके लिए निजी वजहों का हवाला दिया है. खबर है कि आम आदमी पार्टी ने 53 वर्षीय आशुतोष के इस्तीफे पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है. आशुतोष पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए थे और पिछले चार साल से पार्टी के साथ जुड़े थे. आशुतोष ने 2014 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन किया था और चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, मगर उस चुनाव में उनकी हार हुई थी. 

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ऐसी खबरें हैं कि इस साल आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा न भेजे जाने की वजह से वह नाराज चल रहे थे. यही वजह है कि अब ऐसी भी खबरें हैं कि आशुतोष राजनीति से भी सन्यास ले सकते हैं. आशुतोष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते रहे हैं. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को राज्यसभा में भेजा था. 

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इस्तीफा देने के बाद आशुतोष ने कहा कि हर यात्रा का एक अंत होता है. AAP के साथ मेरा जुड़ाव जो बहुत ही अच्छा/क्रांतिकारी था उसका भी अंत हुआ है. मैंने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है और PAC से इसे मंज़ूर करने को कहा है. ये पूरी तरह से निजी कारणों से है. पार्टी का शुक्रिया और मेरा साथ देने वालों का भी शुक्रिया. आगे आशुतोष ने मीडिया से कहा कि कृपया मेरी निजता का सम्मान करें. मैं किसी तरह से कोई बाइट नहीं दूंगा. इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा कि 'हर प्रतिभासम्पन्न साथी की षड्यंत्रपूर्वक निर्मम राजनैतिक हत्या के बाद एक आत्ममुग्ध असुरक्षित बौने और उसके सत्ता-पालित, 2G धन लाभित चिंटुओं को एक और “आत्मसमर्पित-क़ुरबानी” मुबारक हो! इतिहास शिशुपाल की गालियां गिन रहा है. आज़ादी मुबारक.

गौरतलब है कि साल 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद आप से अलग हुये प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं. इससे पहले आप के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं.

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आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया, ''ज़िंदगी में एक अच्छे दोस्त, एक सच्चे इन्सान, एक भरोसेमन्द साथी के रूप में आशुतोष जी से मेरा रिश्ता जीवन पर्यन्त रहेगा, उनका पार्टी से अलग होना मेरे लिये एक हृदय विदारक घटना से कम नहीं.'' वहीं, गोपाल राय ने कहा है कि 'आशुतोष का फैसला दुःखद. मिलकर करेंगे बात.

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