कोरोना संकट के चलते स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त आयोग से मांगा अतिरिक्त फंड

सोमवार को वित्त आयोग के साथ बैठक के दौरान कहा कि कोविड-19 संकट के बाद शहरी स्वास्थ्य सेवाओं, ज़रूरी दवाओं और पोस्ट-कोविड स्वास्थ्य सुधार की योजनाओं के लिए उसे अगले 5 साल में कुल 6.04 लाख करोड़ रुपये की ज़रुरत होगी.

कोरोना संकट के चलते स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त आयोग से मांगा अतिरिक्त फंड

कोरोना संकट के बाद अब स्वास्थ्य मंत्रालय बड़े स्तर पर देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उनका विस्तार करने की रणनीति बना रहा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली:

देश में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग से अगले पांच साल में एक लाख 5 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त फंड्स के आवंटन की मांग रख दी है. ये मांग कोरोना संकट के सन्दर्भ में देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और उन्हें और मज़बूत बनाने की ज़रुरत को देखते हुए की गई है. वित्त आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया है कि इस साल फरवरी में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के सामने 2021-22 से 2025-26 के बीच कुल 4.99 लाख रुपये की डिमांड रखी थी.  

अब कोरोनावायरस संकट के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को वित्त आयोग के साथ बैठक के दौरान कहा कि कोविड-19 संकट के बाद शहरी स्वास्थ्य सेवाओं, ज़रूरी दवाओं और पोस्ट-कोविड स्वास्थ्य सुधार की योजनाओं के लिए उसे अगले 5 साल में कुल 6.04 लाख करोड़ रुपये की ज़रुरत होगी, यानी फरवरी में रखी गई मांग से 1 लाख 5 हज़ार करोड़ ज्यादा.  

बजट 2020 में स्वास्थ्य मंत्री ने हेल्थकेयर सेक्टर को कुल 69000 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. अगर एक साल के हिसाब से देखें, तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगले 5 साल में यानी 2021-22 से 2025-26 के बीच हर साल के लिए औसतन करीब 1.21 लाख करोड़ रुपये की मांग रखी है. वित्त आयोग के अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया है की स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रखी गए डिमांड की आयोग समीक्षा करेगा.

साफ़ है, कोरोना संकट के बाद अब स्वास्थ्य मंत्रालय बड़े स्तर पर देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उनका विस्तार करने की रणनीति बना रहा है.

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