NDTV Khabar

शिवसेना ने मोदी सरकार से पूछा: आरक्षण तो दे दिया, नौकरियां कहां है? अगर यह चुनावी चाल है तो महंगा पड़ेगा

शिवसेना ने कहा कि मराठा समुदाय (Maratha Reservation) को भी महाराष्ट्र में आरक्षण दिया गया है लेकिन सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि नौकरियां कहां है?

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
शिवसेना ने मोदी सरकार से पूछा: आरक्षण तो दे दिया, नौकरियां कहां है? अगर यह चुनावी चाल है तो महंगा पड़ेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.(फाइल तस्वीर)

खास बातें

  1. संसद में बुधवार को पास हुआ है बिल
  2. शिवसेना ने पूछा- नौकरियां कहां हैं?
  3. '10% आरक्षण के बाद रोजगार का क्या होगा?'
मुंबई:

संसद से आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण (Quota For Economically Weak)का बिल पास होने के बाद एनडीए की सदस्य शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधा है. शिवसेना ने कहा है कि आरक्षण तो दे दिया, लेकिन नौकरियां कहां हैं?मंजूरी मिलने के एक दिन बाद शिवसेना (Shivsena) ने गुरुवार को हैरानी जताई कि नौकरियां कहां से आएंगी? पार्टी ने साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह एक चुनावी चाल है तो यह महंगा साबित होगी. शिवसेना ने कहा किमराठा समुदाय (Maratha Reservation) को भी महाराष्ट्र में आरक्षण दिया गया है लेकिन सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि नौकरियां कहां है? संसद ने बुधवार को सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना' (Saamna) के एक संपादकीय में कहा है, ‘जब सत्ता में बैठे लोग रोजगार और गरीबी दोनों मोर्चो पर विफल होते हैं तब वे आरक्षण का कार्ड खेलते हैं. अगर यह वोट के लिए लिया गया निर्णय है तो यह महंगा साबित होगा. 10 फीसदी आरक्षण के बाद रोजगार का क्या होगा? आपको नौकरी कहां से मिलेगी?' शिवसेना ने कहा भारत में, 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की आबादी हर महीने 13 लाख बढ़ रही है. 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को नौकरी देना अपराध है लेकिन बाल श्रम लगातार जारी है. बता दें, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी केन्द्र और महाराष्ट्र दोनों जगह सत्तारूढ़ भाजपा की गठबंधन सहयोगी है.


सवर्णों के आरक्षण पर संसद की मुहर: किसी ने बताया 'राजनीतिक स्टंट', तो किसी ने सवर्णों से 'धोखा', 10 खास बातें

‘सामना' में कहा गया है कि देश में रोजगार की दर को संतुलित बनाए रखने के लिए हर साल 80 से 90 लाख नए रोजगारों की जरूरत है लेकिन यह गणित कुछ समय से असंतुलित है.    सामना में कहा गया है, ‘पिछले दो सालों में नौकरी के अवसर बढ़ने के बजाय कम हुए हैं और नोटबंदी एवं जीएसटी लागू किये जाने के कारण करीब 1.5 करोड़ से लेकर दो करोड़ नौकरियां गई हैं. युवाओं में लाचारी की भावना है.' 

राज्यसभा में सवर्ण आरक्षण बिल पास होने पर PM मोदी बोले- यह सामाजिक न्याय की जीत है

शिवसेना ने दावा किया कि 2018 में रेलवे में 90 लाख नौकरियों के लिए 2.8 करोड़ लोगों ने आवेदन किया. इसके अलावा मुंबई पुलिस में 1,137 पदों के लिए चार लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किया और कई आवेदनकर्ता आवश्यक योग्यता से अधिक शैक्षणिक योग्यता रखते थे. इसमें चुटकी लेते हुए कहा गया है, ‘सरकार के 10 प्रतिशत आरक्षण के बाद क्या योग्य युवा कुछ हासिल कर पाएंगे? युवाओं को पकौड़ा तलने की सलाह देने वाले प्रधानमंत्री को आखिरकार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देना पड़ा.'

आर्थिक आधार पर आरक्षण: राम विलास पासवान बोले- देश में नौकरियों की कमी, प्राइवेट सेक्टर में भी हो आरक्षण, कांग्रेस ने किया समर्थन

(इनपुट- भाषा)

टिप्पणियां

VIDEO- राज्यसभा में पास हुआ आरक्षण संशोधन बिल

 



NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement