अहमदाबाद के हैम रेडियो ऑपरेटर को SpaceX एस्ट्रोनॉट्स से मिले संकेत

स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने दो नासा अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रविवार को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक ऐतिहासिक लॉन्च के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के साथ सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी.

अहमदाबाद के हैम रेडियो ऑपरेटर को SpaceX एस्ट्रोनॉट्स से मिले संकेत

कंप्यूटर इंजीनियर अधीर सैय्यद ने एएनआई को बताया कि वह इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे थे. (फोटो-ANI)

नई दिल्ली:

अहमदाबाद के एक (HAM Radio) हैम रेडियो ऑपरेटर को बुधवार को स्पेसएक्स (SpaceX Astronauts) क्रू ड्रैगन के अंतरिक्ष यात्रियों से प्रतिक्रिया मिली, जबकि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के साथ जुड़ने की कोशिश की गई. एक कंप्यूटर इंजीनियर अधीर सैय्यद ने एएनआई को बताया कि वह इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे थे, जब उसे अचानक ड्रैगन कैप्सूल से प्रतिक्रिया मिली, जो रविवार को कक्षीय चौकी (orbit post) के साथ डॉक किया गया था. अधीर ने एएनआई को बताया "मैं आईएसएस के बारे में अपने छात्र के साथ वीडियो कॉल पर था. उसने मुझसे पूछा कि क्या हम आईएसएस से जुड़ सकते हैं. मैंने वीडियो कॉल पर कोशिश करने और कनेक्ट करने का फैसला किया. मैं संयोग से उनकी फ्रिक्वेंसी पर जुड़ा हुआ था और कैप्सूल से उत्तर मिला और वीडियो कॉल की तरह कनेक्शन का अनुभव किया."

अधीर ने कहा "हम एक ई-व्याख्यान के बीच में थे जब यह कैप्सूल अहमदाबाद के ऊपर से गुजरा. मैंने आईएसएस से जुड़ने की कोशिश की और हम जुड़ गए. उन्होंने कॉल स्वीकार किया," स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने दो नासा अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रविवार को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक ऐतिहासिक लॉन्च के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के साथ सफलतापूर्वक उड़ान भरी, जो कि वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा में एक नए युग की शुरुआत थी.

शनिवार की लिफ्टऑफ भी महत्व रखती है क्योंकि यह लगभग एक दशक में पहली बार अमेरिका की धरती से मनुष्यों की कक्षा में लॉन्च हुई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने सोमवार को नासा और स्पेसएक्स को उनके मानवयुक्त मिशन के लिए बधाई दी और इसे "ऐतिहासिक" करार दिया. 

भारत अपने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान "गगनयान" के लिए भी जमीन तैयार कर रहा है. 10,000-करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के वर्ष 2022 में शुरू होने की उम्मीद है. मिशन के लिए संभावित उम्मीदवारों के रूप में चयनित चार भारतीय वायु सेना के लड़ाकू पायलटों का अभी मॉस्को में प्रशिक्षण चल रहा है.

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