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अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों के विलय पर छाए संकट के बादल

अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों ने अपने आगे के कदम यानी विलय के बारे में चर्चा शुरू कर दी. इसको लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं.

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अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों के विलय पर छाए संकट के बादल

पलानीस्वामी ने जयललिता की मौत की जांच के लिए आयोग गठित करने मांग मान ली थी (फाइल फोटो)

चेन्नई: दोनों खेमों में जश्न की तैयारियां चल रही थीं. तमिलनाडु में नई सरकार को लेकर मंत्रणाएं शूरू हो चुकी थीं, लेकिन पुराने मुद्दों को लेकर फिर से दोनों धड़ों में मतभेद उभर आए हैं.

बता दें कि जयललिता की मौत की जांच कराने की तमिलनाडु सरकार द्वारा घोषणा किए जाने के एक दिन बाद अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों ने अपने आगे के कदम के बारे में चर्चा शुरू कर दी. मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने इस मुद्दे पर अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक की वहीं ओ पनीरसेल्वम नीत प्रतिद्वंद्वी खेमे ने यहां अपनी अलग बैठक की. 

पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम के निवास पर हुयी बैठक में उनके खेमे के शीर्ष नेतागण शामिल हुए. पनीरसेल्वम को करीब 10 विधायकों और एक दर्जन सांसदों का समर्थन प्राप्त है. उम्मीद की जा रही है कि पनीरसेल्वम मुख्यमंत्री की घोषणा पर औपचारिक रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे. मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने जयललिता की मौत की जांच के लिए आयोग गठित करने और उनके 'पोस गार्डन' घर को स्मारक बनाने की घोषणा की थी. 

पन्नीरसेल्वम के खेमे ने विलय के लिए यही दो प्रमुख शर्त रखी थी. इस खेमे की अन्य मांगों में जेल में बंद पार्टी महासचिव वी के शशिकला तथा उप महासचिव टी टी वी दिनाकरन सहित उनके रिश्तेदारों का अन्नाद्रमुक से निष्कासन शामिल है. पनीरसेल्वम खेमे ने मार्च में सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की थी. लेकिन अब कुछ नेताओं का दावा है कि उनकी मांग सिर्फ सीबीआई जांच की थी. इस पृष्ठभूमि में, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुयी बैठक में पनीरसेल्वम खेमे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार विमर्श किया जा रहा है. उधर दिनाकरन के समर्थकों ने एक होटल में बैठक की.


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