कश्मीर 'छोड़ने' की एडवाइजरी के बाद एयर इंडिया ने घटाया किराया, अब इतना ही चुकाना होगा

एयर इंडिया के ट्वीट में श्रीनगर से दिल्ली का किराया 6715 और दिल्ली से श्रीनगर का किराया 6899 रुपये तय किया गया है. 

कश्मीर 'छोड़ने' की एडवाइजरी के बाद एयर इंडिया ने घटाया किराया, अब इतना ही चुकाना होगा

एयर इंडिया ने अपने किराये में की कमी

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर से सैलानियों के लौटने को लेकर जारी एडवाइजरी के बीच एयर इंडिया ने 15 अगस्त तक अपनी सभी फ्लाइटों का किराया फिक्स कर दिया है.एयर इंडिया ने एक ट्वीट कर कहा कि हम 15 अगस्त तक दिल्ली से श्रीनगर और श्रीनगर से दिल्ली जाने वाली अपनी फ्लाइट का किराया फिक्स कर रहे हैं. 15 अगस्त तक हम सभी को इसी रेट पर टिकट उपलब्ध करा रहे हैं. बता दें कि एयर इंडिया के ट्वीट में श्रीनगर से दिल्ली का किराया 6715 और दिल्ली से श्रीनगर का किराया 6899 रुपये तय किया गया है. हालांकि,एयर इंडिया ने पहले  ट्वीट कर कहा था कि मौजूदा हालात को देखते हुए हम अपने किराये को 9500 रुपये पर फिक्स कर रहे हैं. हमारी सभी फ्लाइट्स का किराया इतना ही रहेगा. 

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार शाम को राज्य के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मंडल के साथ मुलाकात की और उन्हें शांत रहने व अफवाहों पर ध्यान न देने की नसीहत दी थी. उन्होंने कहा था कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने को अन्य मुद्दों के साथ जोड़कर 'बेवजह का डर' पैदा किया जा रहा है. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने राजनीतिक नेताओं से अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और 'अफवाहों' पर भरोसा ना करने की बात कही थी. 

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पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन और इमरान रजा अंसारी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की थी. राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया था कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा जारी किए परामर्श समेत दिन में हुए घटनाक्रमों से कश्मीर घाटी में डर की स्थिति पैदा होने के बारे में चिंताएं जताई. सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने के लिए कहा था. बयान में कहा गया था कि राज्यपाल मलिक ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों के संबंध में गंभीर और विश्वसनीय सूचनाएं हैं. इस संदर्भ में सरकार ने परामर्श जारी कर यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने के लिए कहा था. 

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मलिक ने कहा था कि इस कदम को अन्य सभी तरह के मुद्दों से जोड़कर 'बेवजह का डर' पैदा किया जा रहा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि साफ तौर से सुरक्षा के लिहाज से उठाए गए कदमों को अन्य मुद्दों से जोड़ा जा रहा है जिसका इससे कोई भी संबंध नहीं है. यही डर की वजह है. उन्होंने नेताओं से अपने समर्थकों से मामलों का घालमेल ना करने, शांति बनाए रखने और अफवाहों पर भरोसा ना करने के लिए कहने का अनुरोध किया. बयान के अनुसार 'राज्यपाल ने बारामूला में कल और उससे एक दिन पहले श्रीनगर में अनुच्छेद 35ए पर मामलों पर खुद सफाई दी थी.' मलिक ने बारामूला और श्रीनगर में कहा था कि जम्मू कश्मीर को विशेष शक्तियां देने वाले संविधान के अनुच्छेद 35ए को रद्द करने की कोई योजना नहीं है. 

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