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एयर इंडिया ने शिवसेना MP रवींद्र गायकवाड़ से बैन हटाया, उड्डयन मंत्रालय ने लिखी चिट्ठी

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एयर इंडिया ने शिवसेना MP रवींद्र गायकवाड़ से बैन हटाया, उड्डयन मंत्रालय ने लिखी चिट्ठी

23 मार्च को एयर इंडिया ने शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर बैन लगाया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. 23 मार्च को शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर लगाया गया था बैन
  2. एयर इंडिया के 60 वर्षीय कर्मी के के साथ मारपीट का है मामला
  3. सांसद गायकवाड़ ने उड्डयन मंत्री से खेद प्रकट किया
नई दिल्ली: एयर इंडिया ने शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर लगे बैन को तत्‍काल प्रभाव से हटा लिया है. इसके बाद अब अन्‍य एयरलाइंस की तरफ से भी उन पर लगा बैन हटना तय है. उड्डयन मंत्रालय ने चिट्ठी लिख कर एयर इंडिया से बैन हटाने को कहा था. एयर इंडिया सूत्रों के मुताबिक, गायकवाड़ पर लगी पाबंदी तब हटाई गई जब एयरलाइन को नागरिक उड्डयन मंत्रालय से ऐसा करने के लिए एक पत्र मिला था. गायकवाड़ ने ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’’ पर गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्री से लिखित रूप में खेद प्रकट किया था.

इससे पहले गुरुवार को जयंत सिन्हा, सेक्रेटरी और एयर इंडिया के सीएमडी की दो घंटे बैठक चली थी. उसके बाद फिर गायकवाड़ ने विमानन मंत्री गजपति राजू को चिट्ठी लिखकर घटना पर खेद जताया था. इसके बाद आज बैन लगने के 15 वें दिन उसको हटा लिया गया. (रवींद्र गायकवाड़ को क्‍यों और किसके दबाव में टारगेट किया गया, इसका जल्‍द पर्दाफाश होगा: शिवसेना)

इससे पहले एयर इंडिया ने एक बार फिर शुक्रवार सुबह सांसद रवींद्र गायकवाड़ का टिकट रद्द कर दिया था. वेबसाइट से शुक्रवार सुबह 5 बजे बुकिंग की गई थी. दो टिकटें रद्द की गई हैं जिनमें से 17 अप्रैल का दिल्ली से मुंबई का टिकट था और 24 अप्रैल का मुंबई से दिल्ली का टिकट था. इन दोनों को ही रद्द कर दिया गया. उधर, गायकवाड़ मुद्दे पर शिवसेना आक्रामक नजर आ रही है. शिवसेना ने एनडीए की बैठक का बहिष्‍कार करने की धमकी भी दी थी. हालांकि इसके बाद सांसद गायकवाड़ ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू को पत्र लिखकर 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' पर 'खेद' जताया.

मैं यह पत्र दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद जताने के लिए लिख रहा हूं - गायकवाड़
एयर इंडिया या संबंधित कर्मचारी से माफी नहीं मांगने पर अड़े गायकवाड ने कहा, 'मैं यह पत्र 23 मार्च 2017 को एयर इंडिया उड़ान संख्या एआई..852 सीट नंबर 1एफ पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद जताने के लिए लिख रहा हूं'. उन्होंने पत्र में लिखा, 'यह किसी का इरादा नहीं हो सकता कि स्थिति उस स्तर तक बढ़ जाए जैसा कि अंतत: हुआ. चल रही जांच से जहां जिम्मेदारी तय करने के लिए घटना का वास्तविक क्रम सामने आएगा, कृपा करके इस घटना को भविष्य में ऐसी किसी संभावित पुनरावृत्ति के कारण के तौर पर नहीं देखा जाए'. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह पत्र संसद में लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन के चैंबर में हुई उस बैठक के बाद आया, जिसमें शिवसेना के सांसदों से कहा गया कि यदि गायकवाड़ यह प्रतिबद्धता जताते हुए एक बयान जारी कर दें कि वह भविष्य में ऐसी किसी घटना में लिप्त नहीं होंगे तो सरकार हस्तक्षेप कर सकती है और रोक हटवा सकती है.

सांसद ने पत्र के जरिये खुद पर लगे बैन को हटाने का अनुरोध किया
गायकवाड ने कहा था 'चूंकि मेरे उड़ान भरने पर लगी रोक से मेरे कर्तव्य और जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावित हो रहा है, मैं आपसे रोक हटाने का अनुरोध करता हूं. जांच से अंतत: उन परिस्थितियों का पता चलेगा जिससे घटना हुई'.

एयर इंडिया के स्टाफ द्वारा बदतमीजी करने पर कर्मचारी को धक्का दिया- संसद में गायकवाड़
इससे पहले रवींद्र गायकवाड़ ने लोकसभा में इस पूरे मामले पर अपनी ओर से बयान दिया. उन्होंने कहा कि '23 मार्च 2017 की उस घटना के लिए मैं दिल्ली आ रहा था. मेरा बिजनेस क्लास का टिकट था लेकिन मुझे इकोनॉमी सीट में बिठाया गया.' उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के स्टाफ द्वारा बदतमीजी करने पर उन्होंने एक कर्मचारी को धक्का दिया. उन्होंने कहा कि स्टाफ ने संसद और सांसदों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने इस मामले में मीडिया ट्रायल की भी निंदा की.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपराध किया वह आराम से घूम रहे हैं. उन्होंने कहा कि - मैं संसद से क्षमा मांगता हूं. उन्होंने कहा कि - मेरे खिलाफ सभी विमान कंपनियों ने रोक लगाई है. उन्होंने कहा कि 'मेरे नाम से कई और लोगों ने टिकट बुक किए और एयरलाइंस कंपनियों ने वह भी टिकट रद्द कर दिए.' उन्होंने कहा कि मीडिया यह भी खबर चला दी कि मेरे टिकट एयरलाइंस कंपनियों ने रद्द कर दिए हैं.


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