Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

पिता की फिल्म निर्माण की विरासत छोड़कर चाचा का रास्ता चुना अजित पवार ने

महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट से कांग्रेस और एनसीपी से सात बार एमएलए रह चुके हैं 60 वर्षीय अजित पवार

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पिता की फिल्म निर्माण की विरासत छोड़कर चाचा का रास्ता चुना अजित पवार ने

अजीत पवार महाराष्ट्र की बारामती सीट से सात बार विधायक चुने जा चुके हैं.

खास बातें

  1. चाहने वालों के बीच 'दादा' के नाम से हैं चर्चित अजित
  2. अजित ने सन 1982 में राजनीति में प्रवेश किया था
  3. अजीत पवार का विवादों से भी रहा है नाता
नई दिल्ली:

महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार बारामती के विधायक हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के देवलाली में हुआ. 60 वर्षीय अजित पवार ती पत्नी सुनेत्रा पवार हैं. महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड से हायर सेकेंडरी तक शिक्षित अजित पवार के दो पुत्र पार्थ पवार और जय पवार हैं. अजित पवार (Ajit Pawar) शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं. अजित के पिता अनंतराव मशहूर फिल्म निर्देशक वी शांताराम के साथ काम करते थे. वे चाहते थे कि अजित भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाएं, लेकिन उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की राह चुनी. साल 1982 में अजित ने राजनीति में प्रवेश किया और कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने हुए. वे पुणे जिला कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन भी रहे. इसी दौरान बारामती से लोकसभा सांसद भी निर्वाचित हुए, बाद में उन्होंने शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी थी.

महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर पिछले 52 सालों में सिर्फ दो ही लोग विधायक बने. यह दोनों ही पवार परिवार के हैं, शरद पवार और अजित पवार (Ajit Pawar). चाचा शरद और भतीजे अजित इस सीट पर छह-छह बार एमएलए बन चुके हैं. पवार परिवार ने इस सीट को आठ बार कांग्रेस के लिए और चार बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए फतह किया. शरद पवार सन 1967 से 1990 तक निरंतर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विजयी हुए. इसके बाद में अजित पवार ने भी दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते. बाद में शरद पवार ने कांग्रेस छोड़ दी और एनसीपी बनाई. तब से लेकर अब तक चार बार अजित पवार एनसीपी से यहां जीतते रहे हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में अजित सातवीं बार बारामती से जीते हैं.
 
साल 2010 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार में अजित पवार (Ajit Pawar) पहली बार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री बने. हालांकि सितंबर 2012 में एक घोटाले के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन बाद में एनसीपी ने एक श्वेत पत्र जारी किया और कहा कि अजित पवार बेदाग हैं.


टिप्पणियां

अजित पवार (Ajit Pawar) का विवादों से भी नाता रहा है. उनका नाम महाराष्ट्र में 1500 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले से भी जुड़ा और वे इस मामले में आरोपी हैं. साल 2013 में अजित पवार की उनके एक बयान की वजह से काफी आलोचना की गई थी. दरअसल, अजित पवार ने सूखे को लेकर 55 दिनों तक उपवास करने वाले कार्यकर्ता पर विवादित टिप्पणी की थी. बाद में अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. इसी तरह उन पर साल 2014 में बारामती में ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप लगा. दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अजित पवार अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के लिए प्रचार करने एक गांव में गए थे. यहां उन्होंने कथित तौर पर ग्रामीणों को धमकाया और सुले को वोट न देने की स्थिति में पानी की सप्लाई कटवाने की भी धमकी दी थी.

5cq1eauo

कॉमर्स में ग्रेजुएट अजित पवार (Ajit Pawar) अपने चाहने वालों के बीच 'दादा' के रूप में लोकप्रिय हैं. उन्होंने सोशल इंटरप्रिन्योर सुनेत्रा से शादी की है और उनके दो बच्चे हैं. कहा जाता है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा ही पर्दे के पीछे से उनका सारा चुनावी कामधाम देखती हैं और रणनीति बनाती हैं. अजित पवार खेती-किसानी के भी जानकार हैं और कई मौकों पर खुद को कृषि विशेषज्ञ भी कहते नजर आते हैं.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... Viral: बम धमाकों के बीच बेटी को हंसाते नजर आए पिता, बॉलीवुड एक्टर ने शेयर किया इमोशनल Video

Advertisement