अजीत पवार : 16 साल तक पुणे जिला सहकारी बैंक के रहे अध्यक्ष, राजनीति में आते ही जमाई धाक

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ेंगे. अजीत पवार के बारे में बात करें तो उनका पूरा नाम अजीत अनंतराव पवार है और उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपने चाचा शरद पवार से प्रेरणा ली.

अजीत पवार : 16 साल तक पुणे जिला सहकारी बैंक के रहे अध्यक्ष, राजनीति में आते ही जमाई धाक

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार- (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ेंगे. अजीत पवार के बारे में बात करें तो उनका पूरा नाम अजीत अनंतराव पवार है और उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपने चाचा शरद पवार से प्रेरणा ली. इतना ही नहीं, अजीत पवार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री भी रहे. उनके करीबी लोग उन्हें दादा के नाम से भी बुलाते हैं. अजीत पवार 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित देवलाली प्रवरा में जन्म लिया, जहां उनके दादा-दादी का निवास था. एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे अजीत हैं.

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अजीत पवार के पिता अनंतराव पवार राजकमल स्टूडियो में काम करते थे. अजीत का विवाह सुनेत्रा पवार से हुआ. इनके दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं. अजीत ने अपनी शुरुआती पढ़ाई देवलाली प्रवरा में ही की और सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई महाराष्ट्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल से ली. अजीत पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में की थी, जब उनकी उम्र 20 साल की थी. राजनीति में उनका पहला कदम एक चीनी सहकारी संस्था के चुनाव से शुरु हुआ था.

साल 1991 में, वह पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने. वह 16 साल तक इस पद पर रहे. अजीत 1991 में बारामती निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए लेकिन अपने चाचा शरद पवार के लिए सीट खाली कर दी जो उस समय पीवी नरसिम्हा राव सरकार में भारत के रक्षा मंत्री थे. वह उसी वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए और नवंबर 1992 से फरवरी 1993 तक कृषि और बिजली राज्य मंत्री रहे.

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उन्हें 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से निर्वाचित किया गया. उनके अब तक के महत्वपूर्ण पदों में कृषि, बागवानी और बिजली राज्य मंत्री, जल संसाधन मंत्री (कृष्णा घाटी और कोकन सिंचाई, तीन बार) और उप मुख्यमंत्री (29 सितंबर, 2012 से 25 सितंबर 2014) शामिल हैं.

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