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हिरासत से रिहा हुए अखिलेश यादव, कहा- प्रदेश में जंगलराज, सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि यूपी पुलिस ने मीडिया के कैमरे बंद करवाकर सपा कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई की.

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हिरासत से रिहा हुए अखिलेश यादव, कहा- प्रदेश में जंगलराज, सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है

औरैया जिले में सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई थी भिड़ंत, इसी का विरोध करने जा रहे थे अखिलेश यादव.

खास बातें

  1. बुधवार को औरैया में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में हुई थी झड़प
  2. आरोप है पुलिस ने सपा नेताओं को बेरहमी से पीटा
  3. इसी का विरोध करने जा रहे थे अखिलेश यादव
नई दिल्ली: ओरैया जाते समय हिरासत में लिए गए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जंगलराज कायम है, सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि वे पुलिस के डर से बैठने वालों में से नहीं हैं. सच्चाई को जनता के सामने रखेंगे. इसके लिए संघर्ष करेंगे. योगी सरकार पंचायत चुनावों में जीत के लिए हर हथकंडे अपना रही है.

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बता दें कि गुरुवार की सुबह ओरैया जाते समय पुलिस ने अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया था. अखिलेश ओरैया में बुधवार को हुई भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं की झड़प के बाद आज कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे. हिरासत में लिए जाने के बाद अखिलेश ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि वे वहां जाएं और अपने कार्यकर्ताओं से मिलें. प्रदेश सरकार जनता से सच्चाई छिपाने के लिए ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद और पूर्व विधायक पर झूठे मुकदमें लगाए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन जनप्रतिनिधियों को पुलिस सारी रात इस थाने से उस थाने में लेकर घूमती रही. उन्होंने कहा कि जब वे अपने साथियों से मिलने जा रहे थे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया. 

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इस वजह से शुरू हुआ विवाद: औरैया जिला मुख्यालय ककोर में बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए  बीजेपी से दीपू सिंह और समाजवादी पार्टी से सुधीर यादव उर्फ कल्लू सिंह का नामांकन होना था. दीपू सिंह का नामांकन जैसे ही सम्पन्न हुआ सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर भाजपा वालों का साथ देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही मामला इतना बढ़ गया कि उग्र सपा कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए. आगजनी और पथराव के बीच पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. एसपी संजीव त्यागी के अनुसार स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन काबू में है.

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जिला पंचायत के नामंकन में सपा प्रत्याशी के समर्थन में औरैया पहुंचे इटावा के जिला पंचायत अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के पूर्व  जिलाध्यक्ष राजीव यादव और उनके समर्थकों को औरैया पुलिस ने रोका तीखी झड़प के बाद अंशुल यादव, राजीव यादव अपने समर्थकों के साथ ककोर मुख्यालय पहुंच गए. इसके साथ ही कई सपा एमएलसी भी ककोर मुख्यालय पहुंचे. स्थिति तनावपूर्ण हो गई. अंशुल यादव ने पुलिस पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप गया. 

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नामांकन के दौरान पुलिस और समाजवादी पार्टी समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई. बीजेपी के गरौठा विधायक की गाड़ी के ककोर मुख्यालय में घुसने को लेकर यह सब शुरू हुआ. सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग करते हुए भीड़ को तितर बितर किया. बीच में हालात इतने खराब हो गए कि सपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर खड़े वाहनों में आग तक लगा दी. बवाल में सपा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव को हंगामा करने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया. 


VIDEO: ओरैया जाते समय पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हिरासत में
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर जिले की सीमा पर सपा के एमएलसी राजपाल कश्यप व पुष्पराज जैन के अलावा कन्नौज सदर विधायक अनिल दोहरे सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.

इनपुट: कमाल खान



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