विधानसभा सदस्यता खत्म होने के बाद अलका लांबा ने AAP पर बोला हमला, कहा- 'सत्ता का घमंड अब...'

अलका लांबा (Alka Lamba) ने ट्वीट कर आम आदमी पार्टी (AAP) को फटकार लगाने के साथ-साथ 'आप' कार्यकर्ताओं का आभार भी जताया.

विधानसभा सदस्यता खत्म होने के बाद अलका लांबा ने AAP पर बोला हमला, कहा- 'सत्ता का घमंड अब...'

चांदनी चौके से AAP विधायक अलका लांबा (Alka Lamba) अयोग्य घोषित

नई दिल्ली:

चांदनी चौक (Chandni Chowk) से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक अलका लांबा (Alka Lamba) अयोग्य घोषित हो गई हैं. विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने अलका लांबा को अयोग्य घोषित कर दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने 'आप' विधायक सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) की याचिका पर यह फैसला दिया. विधानसभा से अयोग्य घोषित होने के बाद अलका लांबा ने ट्वीट (Alka Lamba Tweet) कर आम आदमी पार्टी को फटकार लगाने के साथ-साथ 'आप' के कार्यकर्ताओं का आभार भी जताया. बता दें कि अलका लांबा ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी.

अलका लांबा ने ट्वीट किया, #आप के साथ मेरा सफ़र आज यहीं समाप्त हुआ. धन्यवाद करती हूं 'आप' के उन सभी कार्यकर्ताओं का जिनके सहयोग से मैं पार्टी के भीतर खत्म होते लोकतंत्र और एक आदमी की तानाशाही के ख़िलाफ़ लड़ पाई. आगे की लड़ाई अब जनता के बीच रहकर लड़ी और जीती जायेगी. सत्ता का घमंड अब अधिक दिन तक नहीं रहेगा.'

बता दें कि अलका लांबा पिछले कुछ समय से आप नेतृत्व खासकर पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली से नाराज़ चल रही थीं. केजरीवाल पर पार्टी में मनमानी करने का आरोप लगते हुए उन्होंने कहा कि वह इसका सार्वजनिक तौर पर कई बार मुखर विरोध कर चुकी हैं. अलका लांबा और आप के बीच पिछले कुछ समय से टकराव की स्थिति जो शुरू हुई, वह किसी न किसी रूप में चलती रही है. लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होंने केजरीवाल से उनकी जवाबदेही का हवाला देते हुए कहा था कि पार्टी संयोजक होने के नाते उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिये. इसके बाद लांबा को आप नेतृत्व ने पार्टी विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया था.

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उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने से इनकार कर दिया था और उन्होंने केजरीवाल के रोडशो के दौरान मुख्यमंत्री की कार के पीछे चलने के लिए कहे जाने के बाद रोडशो में भाग नहीं लिया था. लांबा और आप के बीच सबसे पहले टकराव दिल्ली विधानसभा में उस समय उत्पन्न हुआ जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न सम्मान वापस लिए जाने संबंधी आप विधायकों के प्रस्ताव का उन्होंने विरोध किया था. उन्होंने दिसंबर 2018 में ट्वीट किया था कि आप नेतृत्व ने उन्हें इस प्रस्ताव का समर्थन करने को कहा. उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. लांबा ने कहा था कि वह इसके लिए किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू किया था.

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