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फेडरल फ्रंट बनाने में जुटे केसीआर ने की पीएम मोदी से मुलाकात

चेन्नई और ओडिशा से बंगाल और दिल्ली तक 2019 के चुनावों से पहले तीसरा या संघीय मोर्चा बनाने की कोशिश में टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव जुटे हैं.

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फेडरल फ्रंट बनाने में जुटे केसीआर ने की पीएम मोदी से मुलाकात

तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने पीएम मोदी से की मुलाकात.

नई दिल्ली:

चेन्नई और ओडिशा से बंगाल और दिल्ली तक 2019 के चुनावों से पहले तीसरा या संघीय मोर्चा बनाने की कोशिश करके टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव हैदराबाद लौट रहे हैं. सबको उनका खयाल अच्छा लग रहा है, लेकिन कोई भी खुल कर उनके मोर्चे में आने को अब तक तैयार नहीं दिखा. दो दिन दिल्ली में रहने के बावजूद अपने नए मोर्चे के लिए किसी भी नेता से मिल नहीं पाए के चंद्रशेखर राव. गुरुवार को वापसी से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की. केसीआर ने तेलंगाना की उम्मीदों की एक लंबी लिस्ट पीएम को सौंप दी. इसके पहले केसीआर ने बीते कुछ दिनों में स्टालिन, नवीन पटनायक और ममता बनर्जी से मुलाकात की. ममता मिल तो लीं, लेकिन कुछ बोलीं नहीं. दिल्ली में मायावती और अखिलेश यादव से भी मिलने का इरादा था, लेकिन मिल नहीं पाए.

हालांकि अखिलेश यादव ने कहा कि वो हैदराबाद जाकर उनसे मिलेंगे. अखिलेश यादव ने कहा, 'मुझे के चंद्रशेखर राव से 25 या 26 दिसंबर को मिलना था लेकिन मैं उनसे 7 जनवरी के बाद मिलने का समय मांगूंगा. मैं उनसे मिलने हैदराबाद जाउंगा.' वैसे केसीआर के तीसरे मोर्चे को बहुत गंभीरता से लेता कोई नज़र नहीं आ रहा है. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी पहले ही संघीय मोर्चा की संभावना पर सवाल उठा चुके हैं. सीताराम येचुरी ने NDTV से विशेष बातचीत में कहा, 'इससे कोई फायदा नहीं होगा.


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सरकार बनाने के लिए जो भी रानीतिक मोर्चा बना है वो चुनाव के बाद ही बना है, जैसे संयुक्‍त मोर्चा, एनडीए और यूपीए. जिन राजनीतिक दलों ने तय किया है मोदी सरकार को हटाने का उन्‍हें राज्‍य स्‍तर पर बीजेपी विरोधी वोटों के बंटवरे को रोकने के लिए समन्‍वय करना होगा.' जबकि कांग्रेस नेता तारीक अनवर ने आरोप लगाया कि संघीय मोर्चा बनाने की कोशिश बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है. गठबंधन की राजनीति की शुरुआत बीजेपी और कांग्रेस से समान दूरी बनाने के सिद्धांत से शुरू हुई थी लेकिन बीजेपी और कांग्रेस के अलग-अलग गठबंधनों से जुड़ने के बाद किसी संघीय या तीसरे मोर्चे की संभावनाओं की गुंजाइश कम होती नजर आ रही है.

 



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