अलवर गैंगरेप केस में चार दोषियों को आजीवन कारावास, एक को पांच साल की सजा

Alwar Gang Rape Case: गैंगरेप के मामले में छठे नाबालिग आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही, एफआईआर दर्ज करने में देरी के कारण सुर्खियों में रहा था मामला

अलवर गैंगरेप केस में चार दोषियों को आजीवन कारावास, एक को पांच साल की सजा

जयपुर:

Alwar Gang Rape Case: राजस्थान (Rajasthan) के अलवर में 2019 में हुए सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) के मामले में अलवर की एक विशेष अदालत ने पांच दोषियों में से चार को उम्रक़ैद (Life Imprisonment) की सज़ा सुनाई है और एक को पांच साल का कठोर कारावास दिया है. एक आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है. अलवर के थांगजी का ये मामला काफी सुर्ख़ियों में रहा था. दो मई 2019 को पीड़ित एफआईआर दर्ज करवाने गई तो उस समय चल रहे लोकसभा चुनाव को कारण बताते हुए पुलिस ने मामला दर्ज करने में देरी कर दी. यह मामला लोकसभा चुनाव में राजनीतिक मुद्दा बन गया था और इसको लेकर राजस्थान की गहलोत सरकार की काफ़ी आलोचना भी हुई  थी.

थानागाजी सामूहिक बलात्कार मामले में मई 2020  में ट्रायल शुरू हुआ. इसे ऑफिसर्स केस डायरी स्कीम के तहत लिया गया जिसमें वरिष्ठ अधिकारी केस की निगरानी करते हैं. इस मामले में छह आरोपी थे जिसमें से पांच को अलवर की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया. इनमें से चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और एक को पांच साल के कठोर कारावास की सजा दी गई. मामले में छठा आरोपी नाबालिग है इसलिए उसका केस जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है.     

इस मामले में समय पर एफआईआर दर्ज नहीं होने पर गहलोत सरकार की काफी किरकिरी हुई थी. हालांकि उसके पश्चात 16 दिन के अंदर अनुसंधान पेश कर दिया गया था. जयपुर के आईजी एस सेंगथीर ने कहा कि "आपको मालूम है पहले पुलिस की गलती रही, लेकिन बाद में पुलिस ने विशेष टीम गठित करके कम दिन में गिरफ्तार किया था."

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अलवर गैंगरेप केस : पीड़िता का आरोप, कार्रवाई के लिए चुनाव बीतने का इंतजार करती रही पुलिस

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हालांकि आज यह कहानी सिर्फ निराशा की नहीं है. इस मामले में पीड़िता को न्याय तो मिला ही है, सरकार ने उसे एक नौकरी भी दी है. वह अब राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल है.