NDTV Khabar

अमेरिका ने भारत के ए-सैट परीक्षण को लेकर जासूसी की बात नकारी, लेकिन विशेषज्ञों का दावा कुछ और

पेंटागन ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया कि अमेरिका ने भारत के उपग्रह भेदी मिसाइल (ASAT Test) को लेकर जासूसी की.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
अमेरिका ने भारत के ए-सैट परीक्षण को लेकर जासूसी की बात नकारी, लेकिन विशेषज्ञों का दावा कुछ और

पेंटागन ने जासूसी की बात को सिरे से नकार दिया है.

खास बातें

  1. अमेरिका ने जासूसी की बात खारिज की
  2. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने जासूसी की
  3. अमेरिका ने कहा, उसे टेस्ट के बारे में पहले से पता था
वॉशिंगटन :

पेंटागन ने इन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया कि अमेरिका ने भारत के उपग्रह भेदी मिसाइल (ASAT Test) को लेकर जासूसी की, लेकिन उसने साथ ही कहा कि वह भारत के इस परीक्षण के बारे में जानता था. अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डेविड डब्ल्यू ईस्टबर्न ने कहा, ‘कोई भी अमेरिकी संपत्ति भारत की जासूसी नहीं कर रही थी, बल्कि अमेरिका भारत के साथ अपनी साझेदारी बढ़ा रहा है जिससे आर्थिक संबंध मजबूत हुए हैं'. सैन्य हवाई गतिविधियों पर नजर रखने वाले एयरक्राफ्ट स्पॉट्स ने कहा था कि अमेरिकी वायु सेना के एक टोही विमान ने डिएगो गर्सिया से बंगाल की खाड़ी में भारत की ए-सैट उपग्रह रोधी प्रक्षेपास्त्र परीक्षण की निगरानी के लिए उड़ान भरी. 

भारत के 'मिशन शक्ति' पर अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया, पढ़ें- क्या कहा


कई विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने भारतीय ए-सैट परीक्षण (ASAT Test) की जासूसी की. हार्वर्ड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के खगोल वैज्ञानिक जोनाथन मैक्डावल ने इस रिपोर्ट के बारे में कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसका अर्थ भारत एवं अमेरिका के बीच समन्वय है'. उन्होंने कहा, ‘इसका अर्थ है कि अमेरिकी खुफिया समुदाय परीक्षण के बारे में पहले से जानता था क्योंकि कुछ हद तक वे भारत की जासूसी कर रहे थे'. उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई अपने मित्रों और दुश्मनों की जासूसी करता है. आजकल दुनिया ऐसे ही चलती है'. हालांकि पेंटागन ने जासूसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. अमेरिकी वायुसेना अंतरिक्ष कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डेविड डी थॉमसन ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका भारत के ए-सैट परीक्षण के बारे में जानता था. 

क्या है मिशन शक्ति? जब चीन ने किया था टेस्ट तो हुई थी बड़ी आलोचना, भारत ने कर दिया कारनामा

टिप्पणियां

दूसरी तरफ, पेंटागन ने यह भी कहा है कि भारत द्वारा किए गए उपग्रह भेदी मिसाइल परीक्षण (ए-सैट) के बाद अमेरिका इस परीक्षण की वजह से पैदा हुए मलबे के 250-270 टुकड़ों पर नजर रख रहा है. उसने साथ ही कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) को खतरा नहीं है. अमेरिकी रणनीतिक कमान के ज्वाइंट फोर्स स्पेस कम्पोनेंट कमांड (जेएएफएससीसी) ने कहा कि भारत ने जिस ए-सैट (ASAT Test) का परीक्षण बुधवार को किया था, उससे जुड़े मलबे के 250 टुकड़ों पर सक्रियता से नजर रखी जा रही है. पेंटागन ने कहा है कि इस घटना से जुड़े मलबों पर जेएफएससीसी सक्रियता से नजर रख रहा है और इस संबंध में उपग्रह मालिकों/संचालकों को सूचना दी जा रही है. जेएफएससीसी ने कहा कि वह मलबे के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने तक इन टुकड़ों पर नजर रखेगा. 

VIDEO- भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बना



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रत्येक संसदीय सीट से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों (Election News in Hindi), LIVE अपडेट तथा इलेक्शन रिजल्ट (Election Results) के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement