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भारी सुरक्षा बंदोबस्त और आतंकी खतरे के बीच स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार है जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद कर दिया गया है. तमाम आशंकाओं के मद्देनजर सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं.

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भारी सुरक्षा बंदोबस्त और आतंकी खतरे के बीच स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार है जम्मू कश्मीर

घाटी में करीब एक से डेढ़ लाख सुरक्षा कर्मी तैनात

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर में 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद कर दिया गया है. तमाम आशंकाओं के मद्देनजर सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए गए हैं. घाटी में करीब एक से डेढ़ लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. तनाव की स्थिति के मद्देनजर घाटी को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सभी अधिकारियों को घाटी में चिह्नित क्षेत्र दे दिए गए हैं. जहां उन्हें अगले 24 घंटों में पैनी निगाह बनाए रखनी है. एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि राज्य के हर जिले में स्वतंत्रता दिवस मनाने की व्यवस्था की गई है. सभी 13 जिलों में राज्य प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई हैं.  

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अधिकारी के मुताबिक धारा 370 हटने और जम्मू कश्मीर के विभाजन के बाद से राज्य को हाई अलर्ट पर रखा गया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण के बाद इस सुरक्षा पहरे को और सघन कर दिया गया. जहां इमरान खान ने भारत सरकार के फैसलों की आलोचना की थी. आर्टिकल 370 हटने और जम्मू कश्मीर के विभाजन के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है लिहाजा अधिकारियों की चिंता बढ़ी हुई है. उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. अधिकारी ने खुलासा करते हुए कहा कि हम लगातार उन संदेशों को इंटरसेप्ट कर रहे हैं जहां पाकिस्तान अपने अधिकारियों को हमले के निर्देश दे रहा है. 

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अधिकारी के अनुसार पिछले 48 घंटों में बारामूला और उरी के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल एक्टिव है. हालांकि अंतराष्ट्रीय सीमा सामान्य रूप से शांत रही है. जिससे अधिकारियों की चिंता और गहराती जा रही है. उन्होंने बताया कि घाटी में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पिछले कई हफ्तों से हम ओवरटाइम काम कर रहे हैं. आतंकी मुठभेड़ों का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस साल 7 महीनों में हमने अकेले इसी इलाके में 142 आतंकियों को मार गिराया है. लेकिन 5 अगस्त (जिस दिन धारा 370 को हटाने का प्रस्ताव संसद में आया) के बाद एक भी एनकाउंटर नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों में घाटी में एक भी एनकाउंटर नहीं हुआ है. 

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सीनियर रैंक के अधिकारी के अनुसार, जम्मू कश्मीर राज्य इस वक्त बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य के सभी नेताओं को सेंतूर लेक व्यू होटल में हिरासत में लिया गया है. इसके अलावा कुछ शरारती लोगों को या तो हिरासत केंद्रों में भेज दिया गया है या फिर राज्य के बाहर भेज दिया गया है.   
 



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